
चंडीगढ़: पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने के लिए सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की दिशा में आगे बढ़ रही है। पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) के वाइस चेयरमैन एस. सुखजीत सिंह ढिलवान ने इस मॉडल की संभावनाओं को समझने के लिए कर्नाटक का दौरा किया।
दौरे का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि बड़े स्तर पर सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना कैसे तैयार किया जा सकता है और इस मॉडल को पंजाब के सरकारी स्कूलों में किस तरह लागू किया जा सकता है।
एस. सुखजीत सिंह ढिलवान ने बेंगलुरु में टाटा टेक्नो पार्क कंपनी का दौरा किया। यहां सौर ऊर्जा आधारित तकनीक के जरिए एक साथ करीब 10,000 से 12,000 लोगों के लिए खाना तैयार किया जाता है। दौरे के दौरान उन्होंने सोलर एनर्जी से खाना बनाने वाली तकनीक, इस्तेमाल होने वाले सिस्टम और बड़े स्तर पर इसके संचालन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि इस मॉडल को पंजाब के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने के लिए किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
वाइस चेयरमैन सुखजीत सिंह ढिलवान ने कहा कि पंजाब सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील बनाने के लिए सोलर एनर्जी मॉडल अपनाने वाला देश का पहला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट को पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सौर ऊर्जा से खाना तैयार करने से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी। इससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
ढिलवान ने कहा कि पंजाब सरकार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। स्कूलों में सोलर आधारित कुकिंग सिस्टम शुरू होने से शैक्षणिक संस्थानों में सस्टेनेबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में अपनाए जा रहे मॉडल का अध्ययन पंजाब में इसके प्रभावी इस्तेमाल की संभावनाओं को समझने में मदद करेगा। इस अवसर पर मास्टर हरदीप सिंह, लेक्चरर सुखदेव सिंह और गुरप्रीत सिंह सिवियां भी मौजूद रहे।
📍 Location: Faridkot (Faridkot)
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