चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देश में पहली बार अपने नागरिकों के लिए दस लाख रुपए की कैशलैस मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है, जबकि इलाज के लिए 1,77,097 मुफ्त अथराइजेशन जारी किए गए हैं। इलाज की कुल स्वीकृत राशि 292 करोड़ रुपए है, जिसमें से 267 करोड़ रुपए पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।
इसके अलावा पैनल में शामिल अस्पतालों को 60 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना से राज्य की 3 करोड़ की पूरी आबादी इसके अंतर्गत मुफ्त इलाज के लिए पात्र होगी। यह योजना लागू हो गई है और इसके रजिस्ट्रेशन के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। पहले यह योजना पांच लाख रुपए तक के कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराती थी। मुख्यमंत्री सेहत योजना हैल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन 6 जनवरी 2026 से शुरू हो गया है।
लाभार्थी इस योजना के लिए कॉमन सर्विस सैंटर, सेवा केंद्र, पंचायत, अस्पतालों और ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की मदद से, लाभार्थी मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में 2,300 से ज्यादा इलाज पैकेज में शामिल हैं। इनमें ऑर्थोपैडिक्स, जनरल मैडीसिन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नैफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी खासियतों वाली सैकेंडरी और टर्शियरी लैवल की सेवाएं शामिल हैं।
दिल की सर्जरी, कैंसर का इलाज, किडनी डायलिसिस और ट्रांसप्लांट, दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, घुटने और कूल्हे का रिप्लेसमैंट, मोतियाबिंद की सर्जरी, मां और नवजात शिशु की देखभाल, दुर्घटना और एमरजैंसी सेवाएं अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। योजना के तहत लाभार्थियों को पंजाब में सरकारी अस्पतालों, प्राइवेट अस्पतालों, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) एम्पैनल्ड अस्पतालों और सभी मैडीकल कॉलेजों के एक मज़बूत नैटवर्क के ज़रिए कैशलैस स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
अब तक 900 अस्पतालों को लिस्ट किया गया है जिनमें शामिल हैं 4 सरकारी मैडीकल कॉलेज, 4 प्राइवेट मैडीकल कॉलेज, 23 जिला अस्पताल, 41 सब-डिवीज़नल अस्पताल व 151 कम्युनिटी हैल्थ सैंटर । इस योजना के तहत 559 प्राइवेट अस्पतालों का योगदान भी काफी अहम है। कुछ बड़े अस्पताल भी शामिल हैं।

