पंजाब डेस्क: पंजाब के पर्यटन और मेहमान नवाजी (Hospitality) के क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पंजाब के लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी. आई.डी.बी.) ने चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया, जिसका मकसद सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के जरिए निवेश आकर्षित करना और राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर लाना है। यह कदम दर्शाता है कि पंजाब सरकार राज्य के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक विकास के साथ जोड़कर एक नया पंजाब’ बनाने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में, सरकार ने देश भर के प्रमुख निवेशकों, डेवलपर्स और सलाहकारों के सामने छह महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा पेश की, जो पंजाब के हर कोने में पर्यटन के लिए नए रास्ते खोलेंगी। अमृतसर की धार्मिक और ऐतिहासिक गलियों में अब अर्बन रोपवे (Urban Ropeway) परियोजना शुरू होगी, जिससे न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि शहर का नजारा भी शानदार दिखेगा। वहीं, हमारी सदियों पुरानी विरासतों जैसे सरहिंद के आम खास बाग और कपूरथला के दरबार हाल को पुनर्जीवित कर उन्हें लक्ज़री विरासती होटलों में बदला जाएगा। इसके अलावा, रोपड़ के आम खास बाग में पिंकासिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स बनाकर पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
व्यापारिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, मोहाली और लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्रों में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर कम प्रदर्शनी केंद्र बनाए जाएंगे। ये केंद्र पंजाब को उत्तर भारत का व्यापार और सम्मेलन हब बनाकर नए निवेश के अवसर खोलेंगे।इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन परियोजनाओं को ‘अधिक निवेशक – अनुकूल’ बनाना था। पी. आई.डी. बी., पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग और आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। परियोजनाओं की संभावनाओं, समय सीमाओं और कानूनी स्वीकृतियों पर चर्चा हुई।
सरकार ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि पी.पी.पी. फ्रेमवर्क के तहत प्रतिस्पर्धी बोली की प्रक्रिया और राजस्व साझा (Revenue Sharing) मॉडल पूरी तरह पारदर्शी होंगे। निवेशकों को खुलकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि परियोजना से संबंधित शर्तों को भरोसेमंद और निवेशक – अनुकूल बनाया जा सके। यह पहल स्पष्ट करती है कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ एक सार्थक संवाद और सहयोग के लिए मंच तैयार कर रही है।
राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह निवेशकों के लिए एक पारदर्शी और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी, ताकि विश्व स्तरीय पर्यटन और आतिथ्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। सरकार ने कहा कि यह जन और निजी क्षेत्रों की साझेदारी, पंजाब आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और पर्यटन क्षेत्र में सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है। यह पहल स्पष्ट करती है प्रगतिशील राज्य बनाने के विकास की गति तेज़ है। तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

