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करतारपुर कॉरिडोर खोला जाए, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हर चुनौती से निपटने में सक्षम हैं: प्रो. सरचांद सिंह ख्याला

अमृतसरः पंजाब भाजपा के प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पुनः खोलने के लिए आवश्यक कूटनीतिक एवं प्रशासनिक पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब सिखों की आस्था का प्रमुख केंद्र है और लंबे समय तक श्रद्धालुओं को इसके दर्शन से वंचित रखना करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है।

प्रो. ख्याला ने कहा कि वे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता का पूरा सम्मान करते हैं। देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। किंतु वर्तमान परिस्थितियों में कुछ ऐसे तथ्य भी हैं, जिनके आधार पर करतारपुर कॉरिडोर को पुनः खोलने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कॉरिडोर बंद होने के बाद भी सिख श्रद्धालुओं के दो आधिकारिक जत्थे अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा कर चुके हैं और तीसरा जत्था भी प्रस्थान के लिए तैयार है। यदि सरकारी व्यवस्था, वीज़ा प्रक्रिया और सुरक्षा जांच के तहत ये यात्राएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं, तो करतारपुर कॉरिडोर को भी कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ पुनः प्रारंभ करने की संभावना पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाना चाहिए।

प्रो. ख्याला ने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के विरुद्ध अभियान, सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चों पर बार-बार अपनी उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता सिद्ध की है। देश की सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीक, मजबूत खुफिया तंत्र और सख्त निगरानी व्यवस्था के माध्यम से हर प्रकार की सुरक्षा चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। इसलिए यह विश्वास किया जाना चाहिए कि वे करतारपुर कॉरिडोर की यात्रा को भी पूर्णतः सुरक्षित ढंग से संचालित करने की क्षमता रखती हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और सिख आस्था को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे का पूरक माना जाना चाहिए।

प्रो. ख्याला ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर केवल एक सीमा मार्ग नहीं, बल्कि गुरु नानक देव की गुरमत विचारधारा का जीवंत प्रतीक है। यह कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार की सिख पंथ के प्रति सद्भावनापूर्ण दृष्टि का प्रतीक तथा लगभग सत्तर वर्षों की प्रतीक्षा के बाद सिख समुदाय को मिला एक ऐतिहासिक उपहार है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में भाजपा सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन सिख पंथ के प्रति एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल थी, जिसने दशकों से चली आ रही सिखों की अरदास और आकांक्षा को साकार किया।

इस निर्णय का विश्वभर के सिखों ने एक अमूल्य उपहार के रूप में स्वागत किया तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने प्रधानमंत्री =नरेंद्र मोदी को ‘मसीहा’ की संज्ञा देते हुए ‘कौमी सेवा अवार्ड’ से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर का पुनः खुलना न केवल करोड़ों सिखों के लिए गहन आध्यात्मिक आनंद का कारण बनेगा, बल्कि भारत की धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय दृष्टिकोण को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।

प्रो. ख्याला ने कहा कि सिख समुदाय ने सदैव राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें विश्वास है कि वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए तथा सभी सुरक्षा एवं कूटनीतिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक बार फिर करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए करतारपुर कॉरिडोर को पुनः खोलने की दिशा में सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री तथा केंद्रीय विदेश मंत्री को भी विस्तृत पत्र भेजकर इस विषय पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ विचार करने का आग्रह किया है।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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