
Punjab Chemists to Stop Sale of Addiction-Prone Medicines : लुधियाना। परमिंदर झोटा की हत्या और केमिस्ट अश्वनी कुमार पर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के आरोपों के बाद पंजाब में दवा कारोबार को लेकर विवाद तेज हो गया है। प्रशासन की छापेमारी और केमिस्टों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने नशे के लिए दुरुपयोग होने वाली ताकतवर और लत लगाने वाली दवाओं की बिक्री बंद करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन के महासचिव जीएस चावला ने कहा कि संगठन नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम का समर्थन करता है, लेकिन केमिस्टों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
इसके जवाब में पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि अब केमिस्ट की दुकानों पर ऐसी ताकतवर और लत लगाने वाली दवाएं नहीं बेची जाएंगी, जिनका अक्सर नशे के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है। इस फैसले के बारे में हमारी टीम से बात करते हुए, पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव जीएस चावला ने कहा कि वे सरकार की ‘नशे के खिलाफ जंग’ का स्वागत तो करते हैं, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि उनके साथी केमिस्टों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दुकानों को सील किया जा रहा है, केमिस्टों से उनके पास मौजूद दवाओं के स्टॉक के बारे में पूछताछ की जा रही है, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (जिसमें FIR दर्ज करना भी शामिल है) की जा रही है—भले ही मामला सिर्फ दो से चार गोलियों का ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है; इसी विरोध के चलते, उन्होंने इन दवाओं को बेचना बंद करने का फैसला किया है। सरकार अपनी मर्जी के किसी भी केंद्र के जरिए इन दवाओं को बेच सकती है। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले को लेकर एक बैठक हुई थी, जिसमें सभी संबंधित पक्षों ने मिलकर यह फैसला लिया है।
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