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जालंधर: पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने शहीदों को श्रद्धांजलि, नशे के खिलाफ विशेष अभियान शुरू

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जालंधर: पंजाब के डीजीपी गौरव यादव बुधवार को जालंधर के पीएपी कॉम्प्लेक्स स्थित चमन ग्राउंड में आयोजित 67वें पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा और पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहीद जवानों के परिजन भी मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जीवन में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पल होते हैं, जब हम वीरता के सामने अपना सिर झुकाते हैं। पुलिस स्मृति दिवस भी ऐसा ही अवसर है, जब पूरा पुलिस विभाग देश की सुरक्षा के लिए समर्पित बहादुर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करता है। उन्होंने शहीदों के परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस पूरे देश में अपनी दिलेरी, बहादुरी और कार्यक्षमता के लिए जानी जाती है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब पुलिस को आजादी के बाद से ही लगातार गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पुलिस के जवानों ने हर चुनौती का डटकर मुकाबला किया और अपनी बहादुरी का परिचय दिया। आज राज्य में शांति, सद्भावना और खुशहाली बनाए रखने में पंजाब पुलिस के जवानों के बलिदान का अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि सितंबर 1981 से अगस्त 2026 तक पंजाब पुलिस के 1804 अधिकारी और जवान शहीद हो चुके हैं।

वर्ष 2026 में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह, जिला गुरदासपुर, और एएसआई जोगा सिंह, जिला अमृतसर, को भी उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। डीजीपी ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए केवल पुलिस अधिकारियों और जवानों ने ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों ने भी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों को भरोसा दिलाया कि पंजाब पुलिस हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ एक परिवार की तरह खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस शहीदों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने का अवसर है। पंजाब पुलिस उनके बलिदान से प्रेरणा लेते हुए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ देश और समाज की सेवा करती रहेगी।

इस मौके पर पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने आतंकवाद, संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी सांझा की। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। डीजीपी के अनुसार, 16 मार्च 2022 से अब तक NDPS एक्ट के तहत 95,000 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और एक लाख से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। इस दौरान 7,200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद करने का दावा किया गया। डीजीपी ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में लगभग 902 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। उनके अनुसार, NDPS एक्ट के तहत पंजाब पुलिस की दोषसिद्धि दर लगभग 90 प्रतिशत है, जिसे उन्होंने देश में सबसे अधिक बताया। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क और उनकी आर्थिक सहायता करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की वित्तीय जड़ों को कमजोर किया जा सके।

पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ 60 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में फिल्लौर में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा खेल विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अभियान के तहत नशे के लिए चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नशा बेचने वालों और सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना या नशीले पदार्थ बरामद करना नहीं है, बल्कि इन इलाकों को नशामुक्त बनाकर युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी है। इसके लिए खेल मैदान विकसित करने, स्ट्रीट लाइट लगाने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास एवं नशामुक्ति पर भी ध्यान दिया जाएगा।

डीजीपी के अनुसार, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की स्थापना 6 अप्रैल 2022 को की गई थी। इसके बाद से विभिन्न संगठित आपराधिक गिरोहों के 3,326 सदस्यों को गिरफ्तार करने और 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान 2,507 हथियार और 62 वाहन बरामद किए गए। डीजीपी ने बताया कि जनवरी 2026 से गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में भी गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई हैं। आंतरिक सुरक्षा के संबंध में पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने 86 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 660 लोगों को गिरफ्तार किया है।

उनके मुताबिक, इस दौरान 88 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), 131 हैंड ग्रेनेड, 28 किलोग्राम RDX और छह रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर पंजाब में आतंकवाद, नशा तस्करी और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी के अनुसार, पुलिस भवनों, आधुनिक उपकरणों, सॉफ्टवेयर और साइबर अपराध से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। पुलिस ने साइबर अपराध से निपटने के लिए नए साइबर पुलिस स्टेशनों को अधिसूचित करने और जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम किया है।

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