चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली कैपिटल ग्रांट्स को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। बता दें कि अब राज्य के किसी भी स्कूल को फंड मिलने से पहले बहु-स्तरीय वैरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि फंड का उपयोग वास्तविक जरूरतों के आधार पर और पारदर्शिता से किया जा रहा है।
विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राथमिक व माध्यमिक) को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कक्षा निर्माण, लैब स्थापना, मरम्मत अथवा अन्य निर्माण संबंधी किसी भी मद में स्कूल को भेजे जाने वाले फंड की रिपोर्ट बिना उचित सत्यापन के राज्य मुख्यालय तक नहीं पहुंचेगी।
फंड वितरण में होगी न्यायसंगता और पारदर्शिता
बीते वर्षों में कई बार ऐसे मामले सामने आए जहां कुछ स्कूलों ने जरूरत से अधिक ग्रांट ले ली, जबकि जरूरतमंद स्कूल फंड से वंचित रह गए। इन खामियों को खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने अब क्लस्टर से लेकर जिला स्तर तक कड़े सत्यापन की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है सही स्कूल तक सही समय पर सही मदद पहुंचाना, ताकि संसाधनों का दुरुपयोग न हो और शिक्षा व्यवस्था को वास्तविक रूप में मजबूती मिले।
वैरिफिकेशन प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
प्राथमिक स्कूलों के लिए:
क्लस्टर स्तर: क्लस्टर हेड टीचर (CHT) अपने अधीन सभी स्कूलों का निरीक्षण कर प्रमाण पत्र देंगे।
ब्लॉक स्तर: ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर (BPEO) द्वारा क्लस्टरों से मिली जानकारी का सत्यापन कर सर्टिफिकेशन किया जाएगा।
जिला स्तर: जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें डिप्टी डीईओ, एसी स्मार्ट स्कूल, बिल्डिंग ब्रांच के प्रतिनिधि और जेई (सिविल वर्क्स) शामिल होंगे। यह समिति अंतिम सत्यापन के बाद रिपोर्ट राज्य स्तर को भेजेगी।
अपर प्राइमरी स्कूलों के लिए:
क्लस्टर स्तर: संबंधित कॉम्प्लेक्स हेड या डीडीओ स्कूलों की वैरिफिकेशन कर सर्टिफिकेट देंगे।
ब्लॉक स्तर: ब्लॉक नोडल ऑफिसर (BNO) को जानकारी का परीक्षण कर प्रमाणीकरण करना होगा।
जिला स्तर: जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में एक कमेटी गठित होगी जो राज्य को भेजे जाने वाले डाटा की अंतिम जांच करेगी।
स्कूलों को क्या करना होगा?
स्कूलों को अब अपने विकास कार्यों की मांग उचित दस्तावेजों, प्रमाण और फोटो के साथ प्रस्तुत करनी होगी। बिना वैरिफिकेशन के भेजी गई मांगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं होगी।

