चंडीगढ़ न्यूज़ : पंजाब में ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के मद्देनज़र स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य में सभी ट्रांसफर और नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है।
स्टेट इलेक्शन कमिश्नर राज कमल चौधरी ने इस बारे में चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा को एक पत्र लिखा है। साथ ही, सभी डिप्टी कमिश्नरों और एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
गौरतलब है कि 28 नवंबर को चुनावों की घोषणा से पहले पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर एडमिनिस्ट्रेटिव बदलाव किए थे। अब चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए कोई भी ट्रांसफर या नियुक्ति बिना चुनाव आयोग की मंज़ूरी नहीं की जा सकेगी।
चुनावों का शेड्यूल और मॉडल कोड
नॉमिनेशन दाखिल करने की आख़िरी तारीख: 4 दिसंबर
वोटिंग की तारीख: 14 दिसंबर
लागू नियम: म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया को छोड़कर राज्य में मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट लागू है।
इसका मतलब है कि चुनावों के दौरान सरकार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर या नियुक्ति नहीं कर सकती। अगर कोई ट्रांसफर या नियुक्ति करनी हो, तो इसके लिए स्टेट इलेक्शन कमीशन से मंज़ूरी लेना अनिवार्य होगा। स्टेट इलेक्शन कमिश्नर ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, कोई भी प्रशासनिक बदलाव नहीं किए जाएंगे। यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार का प्रशासनिक दबाव या गड़बड़ी न हो।
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