Farmers Protest: पंजाब में आज से किसानों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की है। किसान मजदूर मोर्चा (इंडिया) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और अन्य मुद्दों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया है। इस प्रदर्शन का आयोजन पूरे राज्य के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर (DC) ऑफिस के बाहर किया जाएगा, 20 दिसंबर से रेल रोको आंदोलन की भी धमकी दी गई है।
किसान मजदूर मोर्चा की मुख्य मांगें:
इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 की वापसी
किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों और मज़दूरों की सबसे बड़ी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस बिल को वापस ले। उनका मानना है कि यह बिल किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ है और इसका प्रभाव कृषि क्षेत्र पर बेहद नकारात्मक पड़ेगा।
बिजली विभाग का निजीकरण रोका जाए
किसान नेताओं ने यह भी मांग की है कि पंजाब सरकार बिजली विभाग के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाए, ताकि सरकारी कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा बनी रहे और आम लोगों को भी सस्ती और सुलभ बिजली मिले।
पक्के कर्मचारियों की भर्ती
सरवन सिंह पंधेर ने यह भी कहा कि सरकार को पक्के कर्मचारियों की भर्ती शुरू करनी चाहिए और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को खत्म करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को स्थिर रोजगार मिले।
प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता का विरोध
किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटरों की अनिवार्यता का कदम गरीब और छोटे किसानों के लिए परेशानी का सबब बनेगा, और इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
सरकार से मिली कोई प्रतिक्रिया नहीं
किसान मजदूर मोर्चा ने 1 दिसंबर को सरकार को एक मेमोरेंडम सौंपा था, जिसमें इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है।
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रेल रोको आंदोलन की चेतावनी
किसान मजदूर मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्दी ध्यान नहीं दिया तो वे 20 दिसंबर से रेल रोको आंदोलन की शुरुआत करेंगे। यह आंदोलन राज्य भर में बड़े पैमाने पर हो सकता है, जिससे राज्य की परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पंजाब में किसानों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इस आंदोलन के जरिए उनकी आवाज़ सुनवाई जाएगी। किसान संगठनों ने यह भी कहा है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज कर देंगे।