Site icon Dainik Savera Times

पंजाब में बाढ़ का खतरा बढ़ा… रावी-उज्ज-चक्की नदियां उफान पर, बारिश का येलो अलर्ट

पंजाब डेस्क: राज्य में एक बार फिर से मौसम ने करवट ली है। उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

इस मौसम प्रणाली का असर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की ओर से आने वाली नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। रंजीत सागर बांध में जलस्तर खतरे की सीमा 527 मीटर तक पहुँच चुका है, जिसके चलते प्रशासन को बाँध से अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ा है। इससे माझा क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका गहराती जा रही है।

रावी-उज्ज-चक्की नदियाँ बनीं मुसीबत

रावी, उज्ज और चक्की नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पठानकोट-जम्मू नेशनल हाइवे को एहतियातन बंद कर दिया गया है, और पठानकोट से अमृतसर तक हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अजनाला में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे जाने से बचें।

गुरदासपुर के आसपास के क्षेत्रों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दीनानगर के मकोड़ा बंदरगाह पर बाढ़ का पानी भर चुका है। पाकिस्तान सीमा से लगे सात गांव तूर, चेबे, मम्मी चक्क रंगा, भरियाल, लसियाँ, झुंबर और काजला – बाकी इलाके से पूरी तरह कट चुके हैं, जिससे वहाँ राहत कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।

तापमान में हलचल, फिर लौटेगी बारिश

बीते दिनों में बारिश ने राज्य के तापमान को भी प्रभावित किया है। अमृतसर में 7 मिमी, लुधियाना में 53.4 मिमी, फाजिल्का में 14.5 मिमी, फिरोजपुर में 67 मिमी, और पठानकोट में 32.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के बावजूद राज्य के औसत तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है।

फिर लौटेगा मानसून, 29 अगस्त से नया दौर

हालांकि बुधवार और गुरुवार को मौसम कुछ हद तक स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन शुक्रवार, 29 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश का अगला दौर शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नया सिस्टम फिर से पंजाब के उत्तरी जिलों को प्रभावित कर सकता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

Exit mobile version