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पंजाब सरकार और अनन्या बिड़ला फाउंडेशन ने नशे के खिलाफ लड़ाई तेज करने के लिए हाथ मिलाया

A security personnel stands guard on the top of a mountain ahead of the annual Hindu pilgrimage to the holy cave shrine of Amarnath at Chandanwari, about 115 km southeast of Srinagar, on June 26, 2025. (Photo by Tauseef MUSTAFA / AFP)

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने गुरुवार को नशाखोरी और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता इकाई की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके नशों के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया।

पंजाब सरकार और डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मोहाली और विद्यासागर इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ, अमृतसर के बीच अनन्या बिड़ला फाउंडेशन के सहयोग से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पंजाब सरकार के नेतृत्व में नशों के विरुद्ध चल रही जंग का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा डाटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता इकाई स्थापित करने की यह अनूठी पहल राज्य में नशों की समस्या से निपटने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन पंजाब सरकार द्वारा मादक पदार्थों की रोकथाम और पुनर्वास के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि युद्ध नशे विरुद्ध ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति लाइन को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार जब यह बाधित हो जाती है, तो प्रभावित व्यक्तियों का पुनर्वास अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

.मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को नशे की लत से उबरने में सहायता करने तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में मदद करने के लिए सरकार न केवल विभिन्न सुविधाओं से सुसज्जित पुनर्वास केन्द्र स्थापित कर रही है, बल्कि नशीली दवाओं के सेवन को दोबारा शुरू होने से रोकने के लिए चिकित्सा देखभाल, शिक्षा और रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण में डाटा इंटेलिजेंस एवं तकनीकी सहायता इकाई के माध्यम से मनोसामाजिक देखभाल का एक व्यापक मॉडल क्रियान्वित किया जा रहा है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह इकाई चिकित्सा अधिकारियों, मनोवैज्ञानिकों, पुलिस कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाकर नशा विरोधी अभियान में तकनीकी रूप से सहायता करेगी।

उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है, जिसका उद्देश्य राज्य को स्वच्छ बनाना है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के साथ हाथ मिलाने के इस नेक कार्य के लिए अनन्या बिड़ला फाउंडेशन की संस्थापक अनन्या बिड़ला का भी आभार व्यक्त किया।

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