मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी वर्कर्स के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पंजाब सरकार अब आंगनवाड़ी कर्मचारियों का जीवन बीमा करवाएगी। इस योजना के तहत उन्हें विभिन्न बैंकों के माध्यम से कम से कम 60 लाख रुपए तक का जीवन बीमा कवर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
बैंकों के सहयोग से मिलेगा बीमा कवर
वित्त मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि जिन बैंकों के जरिए आंगनवाड़ी वर्कर्स का मानदेय दिया जाता है, उनके सहयोग से कर्मचारियों को कम से कम 60 लाख रुपए का जीवन बीमा उपलब्ध कराया जाए। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देना और उनके हितों की रक्षा करना है।
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं को बातचीत और आपसी सहमति के जरिए जल्द हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।
कई कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठक
कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष के रूप में वित्त मंत्री ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में शिक्षा विभाग की पांच यूनियनों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों की दो यूनियनों और आउटसोर्स कर्मचारियों की एक यूनियन ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की समस्याओं से पूरी तरह अवगत है और अधिकांश उचित मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई पहले से चल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को जल्द राहत मिल सके।
शिक्षा विभाग की यूनियनों ने रखीं ये मांगें
बैठक में बेरोजगार बीएड-टीईटी पास अध्यापक यूनियन, बेरोजगार पीएसटीईटी पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन, मुड़ बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन, एसएसए/एमडीएम नॉन-टीचिंग एम्प्लाइज यूनियन पंजाब और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल्स फ्रंट के प्रतिनिधियों ने रोजगार सुरक्षा, नियुक्तियों और सेवा संबंधी विभिन्न मांगों से जुड़े ज्ञापन पंजाब सरकार को सौंपे।
आंगनवाड़ी यूनियनों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की
बैठक के दौरान आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) और जुझारू आंगनवाड़ी वर्कर/हेल्पर यूनियन पंजाब ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उठाई। यूनियनों ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों के मानदेय में उचित वृद्धि की जानी चाहिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी रखीं मांगें
एनलिस्टमेंट-आउटसोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने पंजाब सरकार से मांग की कि प्रस्तावित 2026 कार्मिक विधेयकों में आउटसोर्स कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद लाभ सुनिश्चित करने और न्यूनतम निश्चित वेतन लागू करने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।

