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ईज़ी जमाबंदी: पंजाब सरकार की डिजिटल पहल से भूमि रिकॉर्ड सेवाएं हुईं आसान और पारदर्शी

Punjab government digital initiatives made land record services easier

Punjab government digital initiatives made land record services easier

‘ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ राज्य के लोगों को ‘व्हाट्सएप ते जमाबंदी’ (व्हाट्सएप के जरिए जमाबंदी पाना), ऑनलाइन ‘इंतकाल’ (म्यूटेशन) सेवा, ‘रपट’ एंट्री और ‘फर्द बदर’ (ज़मीन के रिकॉर्ड में सुधार) जैसी सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करता है।
राजस्व सेवाओं में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पंजाब सरकार ने ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ लॉन्च किया। इस पहल ने पंजाब में ‘पटवारी कल्चर’ को खत्म कर दिया है। यह पोर्टल ज़मीन के रिकॉर्ड के लिए ‘पटवारी’ या राजस्व अधिकारी के पास जाने, लाइनों में लगने या रिश्वत देने की ज़रूरत को खत्म करता है। इस पोर्टल के लॉन्च के साथ लोगट ईज़ी जमाबंदी’ वेबसाइट पर जाकर और अपनी डिटेल्स देकर आसानी से ‘जमाबंदी’ की कॉपी मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह डिजिटल रूप से साइन किया गया है और इसमें एक क्यूआर कोड है, जिसे कोई भी ज़मीन के रिकॉर्ड को वेरिफाई करने के लिए स्कैन कर सकता है।

99% भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइज़्ड

इस पहल के हिस्से के रूप में पंजाब सरकार ने पंजाब के 99 प्रतिशत गांवों के भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज़्ड किया है। वे सभी भूमि रिकॉर्ड ‘ ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा म्यूटेशन की प्रक्रिया आसान हो गई है और ज़मीन खरीदने या संपत्ति विरासत में मिलने के बाद स्वामित्व को अपडेट करना अब आसान हो गया है, क्योंकि ‘पटवारी’ बाधाएँ पैदा नहीं कर सकते। पहले इस प्रक्रिया में महीनों लग जाते थे।

30 दिनों में ऑटोमैटिक म्यूटेशन

अगर कोई अपनी डीड रजिस्टर करता है, तो म्यूटेशन 30 दिनों के भीतर ऑटोमैटिक रूप से हो जाएगा और विरासत के मामले में वे ‘ईज़ी जमाबंदी वेबसाइट’ पर ऑनलाइन म्यूटेशन के लिए अनुरोध सबमिट कर सकते हैं और यह 30 दिनों की तय समय सीमा के भीतर पूरा हो जाता है, जिसके बाद उन्हें प्रक्रिया के हर चरण में व्हाट्सएप पर अपडेट मिलेगा।

भूमि रिकॉर्ड में सुधार

इस पोर्टल के लॉन्च के साथ लोगों को अब भूमि रिकॉर्ड में गलतियों (जैसे नाम की स्पेलिंग) को ठीक करने के लिए सरकारी कार्यालयों में जाने की ज़रूरत नहीं है। लोग ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ ऑनलाइन एक साधारण फॉर्म सबमिट कर सकते हैं और पोर्टल 15 दिनों के भीतर आवेदन को प्रोसेस कर देता है। इस प्रक्रिया के लिए एक मामूली आवेदन शुल्क लगता है, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है।

इस पोर्टल के तहत ‘जमाबंदी लाई सब्सक्राइब करो’ (अपने भूमि रिकॉर्ड को सब्सक्राइब करें) सेवा का भी एक विकल्प है, जो भूमि स्वामित्व की रक्षा करता है, खासकर एनआरआई के लिए। इसे इसलिए लॉन्च किया गया है क्योंकि पहले कई ज़मीन के रिकॉर्ड मालिक की जानकारी के बिना बदल दिए जाते थे और अक्सर उन्हें सालों बाद पता चलता था, जिसके बाद उन्हें उन्हें ठीक करवाने के लिए कोर्ट में लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती थी।

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