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पंजाब सरकार का ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ प्रोजेक्ट: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया युग

Bhagwant Mann

Bhagwant Mann

पंजाब सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह पहल पंजाब में प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने से जुड़ी पुरानी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से की गई है। पहले यह एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे सभी जिलों में लागू किया जा चुका है। इस नए सिस्टम ने पारदर्शिता बढ़ाई, लंबी कतारों को खत्म किया और बिचौलियों के दबदबे को कम किया है। इसके साथ ही, यह पहल नागरिकों को परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान करने और सरकारी प्रक्रियाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पुरानी प्रणाली की समस्याएं

बता दें कि पहले नागरिकों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बिक्री विलेख पर आपत्तियां अक्सर आखिरी समय में उठाई जाती थीं, जब खरीदार और विक्रेता पहले ही भुगतान कर चुके होते थे। इससे लोगों में डर और दबाव पैदा होता था और उन्हें दस्तावेज़ पास कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी।

इसके अलावा, मामलों को संभालने का कोई निश्चित क्रम नहीं था। सब-रजिस्ट्रार बेतरतीब ढंग से फाइलें चुनते थे, जिससे वीआईपी संस्कृति, पक्षपात और लाइन तोड़ने की समस्या आम थी। पुरानी प्रणाली नागरिकों को केवल स्थानीय तहसील में ही प्रॉपर्टी रजिस्टर करने के लिए मजबूर करती थी, जिससे एक सब-रजिस्ट्रार के पास पूरी शक्ति आ जाती थी। भ्रष्टाचार की शिकायत करना मुश्किल था क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे।

साथ ही, बिक्री विलेख का मसौदा तैयार करना भी नागरिकों के लिए बड़ी समस्या थी। आधिकारिक शुल्क केवल ₹550 था, लेकिन विलेख लेखक और वकील अधिक शुल्क वसूलते थे। यही रिश्वत और शोषण की शुरुआत बन जाता था। इसके अलावा, स्टाम्प ड्यूटी और अन्य फीस का भुगतान करने के लिए कई बार बैंकों का दौरा करना पड़ता था। यदि बाद में आपत्तियां उठती थीं, तो रिफंड प्रक्रिया और भी जटिल हो जाती थी। रियल-टाइम जानकारी का अभाव होने के कारण लोग एजेंटों पर अत्यधिक निर्भर रहते थे।

‘ईज़ी रजिस्ट्री” के फायदे

‘ईज़ी रजिस्ट्री’ प्रोजेक्ट ने इन सभी समस्याओं का समाधान किया है। अब नागरिक घर बैठे आवेदन कर सकते हैं, पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, रिश्वत और भ्रष्टाचार में कमी आई है और समय की बर्बादी कम हुई है। इस पहल ने पुराने सिस्टम का अंत कर, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में क्रांति ला दी है।

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