Site icon Dainik Savera Times

पंजाब में प्रॉपर्टी मालिकों की मुश्किलें बढ़ीं, सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

Punjab government issues directives Property owners

Punjab government issues directives Property owners

जालंधर: पंजाब के प्रॉपर्टी मालिकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जालंधर ने प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी बढ़ाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। असिस्टेंट कमिश्नर-2, विक्रांत वर्मा की अध्यक्षता में हुई रिव्यू मीटिंग में प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट और इंस्पेक्टरों को नए नियमों और कार्ययोजना से अवगत कराया गया।

रिकवरी बढ़ाने के लिए नई रणनीति

मीटिंग में तय किया गया कि अब हर इंस्पेक्टर को केवल एक सेक्टर की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे मॉनिटरिंग और फील्डवर्क दोनों में सुधार होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे टैक्स रिकवरी की प्रक्रिया तेज़ और प्रभावी बनेगी। इसके अलावा, म्युनिसिपल क्षेत्र में ऐसी सभी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज़ जिनका प्रॉपर्टी टैक्स अभी तक नहीं भरा गया है, उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

रेजिडेंशियल पर कमर्शियल टैक्स का असर

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जो प्रॉपर्टी अब छोटे स्तर पर कमर्शियल गतिविधियों, जैसे दुकानें या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रही हैं, उन पर अब कमर्शियल रेट के हिसाब से टैक्स लगेगा। अधिकारियों के अनुसार, कई प्रॉपर्टीज़ रेजिडेंशियल के रूप में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन वहां कुछ हद तक कमर्शियल गतिविधियाँ भी चल रही हैं। ऐसे मामलों में दोबारा इंस्पेक्शन करके सही टैक्स असेसमेंट किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: यूक्रेन पर रूस का बड़ा ड्रोन अटैक, ट्रंप और जेलेंस्की मुलाकात से पहले दहला कीव

फील्ड में सक्रिय रहेंगे इंस्पेक्टर

असिस्टेंट कमिश्नर ने सभी इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने सेक्टर में रोजाना फील्ड कैंप चलाएँ और डिफॉल्टरों से संपर्क में रहें। योजना के अनुसार, रोजाना लगभग 20 रिकवरी कैंप लगाए जाएंगे, ताकि लोग मौके पर ही टैक्स भर सकें और रिकवरी प्रक्रिया को तेज़ किया जा सके।

इस कदम से म्युनिसिपल प्रशासन की कोशिश है कि टैक्स रिकवरी में सुधार हो और साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रॉपर्टी मालिक अपने दायित्व समय पर पूरा करें।

Exit mobile version