चंडीगढ़/जालंधर: पंजाब के रक्षा सेवा कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी और बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने आज शहीदों के परिवारों के कल्याण, सम्मान और समृद्ध जीवन के लिए राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। वह जालंधर में जिला रक्षा सेवा कल्याण कार्यालय में पंजाब सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में पिछले दो वर्षों में सम्मान एवं कृतज्ञता योजना के तहत सरकारी नौकरी पाने वाले शहीदों के परिवारों के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और रक्षा सेवा कल्याण, पंजाब के निदेशक ब्रिगेडियर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) भी मौजूद थे।”
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई सैनिक-केंद्रित पहलकदमियां की हैं। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है तथा पिछले दो वर्षों में 25 आश्रितों को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि कोई भी मुआवजा वास्तव में किसी प्रियजन की क्षति की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन इन प्रयासों का उद्देश्य परिवारों की आजीविका और सम्मान को सुरक्षित करना तथा उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद करना है। श्री भगत ने कहा कि देश हमेशा अपने बहादुर सैनिकों का ऋणी रहेगा जिन्होंने सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

पंजाब सरकार द्वारा सैनिकों को सम्मान देने और उनका समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने बताया कि भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों से संबंधित मुद्दों को सीधे तौर पर संबोधित करने के लिए स्थानीय रक्षा सेवा कल्याण कार्यालय में एक फील्ड कार्यालय स्थापित किया गया है। इसके अलावा, अधिकारी पूर्व सैनिकों की शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए विभिन्न जिलों में बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने शहीदों के परिवारों के सदस्यों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं के उचित समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे पंजाब सरकार की ‘ड्रग्स के विरुद्ध युद्ध’ मुहिम में सक्रियता से भाग लें।
उन्होंने सैनिकों को प्रोत्साहित किया कि वे देश की सीमाओं की सुरक्षा में जिस तरह समर्पण का परिचय देते हैं, उसी तरह पंजाब में नशे के विरुद्ध लड़ाई में भी योगदान दें। उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों में शहीदों व पूर्व सैनिकों के परिवारों का मान-सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा तथा जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता देने का वादा किया। जिला रक्षा सेवा कल्याण अधिकारी कमांडर बलजिंदर सिंह विर्क (सेवानिवृत) ने पंजाब सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों को प्रदान किए जा रहे बढ़े हुए लाभों और नई शुरू की गई योजनाओं पर प्रकाश डाला।
आज के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों के 25 बहादुर शहीदों के परिवारों को राष्ट्र के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में सम्मानित किया गया। इनमें फतेहगढ़ साहिब के अमलोह के गांव कपूर अरायण के नायक गुरजंट सिंह, मलेरकोटला के गांव बदेशे के सिपाही गुरप्रीत सिंह और मानसा के 36 बटालियन सीआरपीएफ के एचसी/जीडी मीठा सिंह के परिवार शामिल थे। गांव बूरा गुज्जर, श्री मुक्तसर साहिब के सिपाही प्रभजोत सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई; गुरदासपुर के गांव चट्ठा के नायक मंदीप सिंह और रूपनगर जिले के पचरंदा के नायक गज्जन सिंह। इस अवसर पर रूपनगर के गांव गनूरा के हवलदार गुरनिंदर सिंह के परिवार को भी सम्मानित किया गया।
अन्य शहीद जिनके परिवारों को सम्मानित किया गया उनमें ग्राम करमगढ़, बरनाला के सिपाही अमरदीप सिंह; लेहरागागा, संगरूर के सिपाही वरिंदर सिंह; और गनर जसबीर सिंह, गांव वेनपुई, तरनतारन से, मानसा के रल्ला गांव के नायक गुरजंट सिंह (शौर्य चक्र, मरणोपरांत) के बलिदान को विशेष रूप से स्वीकार किया गया। समारोह में बरनाला के गांव ढिलवां के सिपाही जसमन सिंह, अमृतसर के नारायणगढ़ के इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह और लुधियाना के गांव जंडियाली के कांस्टेबल राजेश कुमार को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बरनाला के गांव ढिलवां के सिपाही जसमन सिंह, अमृतसर के नारायणगढ़ के इंस्पेक्टर मोहिंदर सिंह और लुधियाना के गांव जंडियाली के कांस्टेबल राजेश कुमार को भी सम्मानित किया गया।
फिरोजपुर के गांव लोहगढ़ ठाकरां वाला के सिपाही जगसीर सिंह और बठिंडा के लांस दफादार कुलदीप सिंह को भी याद किया गया। सम्मानित होने वाले अन्य लोगों में ग्राम लाहोके कलां, फिरोजपुर के लांस नायक कुलदीप सिंह; लुधियाना के गांव ढींडसा के सैपर पलविंदर सिंह; और नायब सूबेदार ओंकार सिंह, गांव नाजोवाल, पठानकोट. इस कार्यक्रम में फरीदकोट के गांव ढैपई से हवलदार अमृतपाल सिंह, तरनतारन के गांव मनिहाला जय सिंह से हेड कांस्टेबल दुल्ला सिंह और एसएएस नगर के गांव फतेहपुर सियालबा से हेड कांस्टेबल सतबीर सिंह के परिवारों ने भी भाग लिया।
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