Last Updated: September 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

Punjab Lottery : मजदूर की लगी डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी, गैंगस्टर्स का डर… परिवार हुआ गायब, जानें पूरा मामला

December 11, 2025

Punjab Lottery : मजदूर की लगी डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी, गैंगस्टर्स का डर… परिवार हुआ गायब, जानें पूरा मामला

पंजाब डेस्क। फरीदकोट जिले के एक बेहद गरीब दिहाड़ी मजदूर परिवार की जिंदगी अचानक बदल गई, जब उन्हें पंजाब स्टेट लॉटरी में 1.5 करोड़ रुपये का पहला इनाम मिला। राम सिंह और उनकी पत्नी नासिब कौर मजदूरी करके अपना परिवार चलाते थे। वहीं, जिस खुशी की उम्मीद थी, उसके उलट परिवार के मन में डर बैठ गया। उन्हें लगा कि करोड़ों रुपये जीतने की खबर फैलते  ही कुछ लोग फिरौती मांग सकते हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी डर की वजह से उन्होंने घर छोड़कर चुपचाप किसी अज्ञात जगह छिपने का फैसला कर लिया।

गांव वालों को हुआ शक, पुलिस को दी सूचना
जब गांव वालों ने देखा कि राम सिंह और नासिब कौर का घर लॉक है और दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हैं, तो उन्हें चिंता हुई। ग्रामीणों ने कई बार कॉल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। किसी अनहोनी की आशंका में उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने ढूंढ निकाला परिवार
पुलिस ने खोज शुरू की और कुछ दिनों बाद परिवार को एक ऐसी सुरक्षित जगह से ढूंढ निकाला, जिसका नाम सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं किया गया। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखेगी।

कैसे जीता लॉटरी का टिकट
नासिब कौर ने कुछ दिन पहले 200 रुपये का लॉटरी टिकट खरीदा था। टिकट पर उन्होंने अपने पति राम सिंह का मोबाइल नंबर लिखवाया था। लॉटरी बेचने वाले राजू ने बताया कि राम सिंह पिछले दो साल से लॉटरी टिकट लेते आ रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने महंगा टिकट खरीदकर अपनी किस्मत आजमाई—और किस्मत खुल गई।

जीत की जानकारी उन्हें देर से मिली
विजेता सूची 6 दिसंबर को सादिक कस्बे के एक लॉटरी विक्रेता के पास आई। सूची में राम सिंह का फोन नंबर भी था। विक्रेता ने कॉल किया, लेकिन कॉल नहीं उठा क्योंकि राम सिंह उस समय राजस्थान में मजदूरी कर रहे थे। जब बाद में किसी तरह उन्हें पता चला कि उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये जीते हैं, तो वे तुरंत घर पहुंचे और पत्नी को सामान बांधने के लिए कहा। इसके बाद परिवार घर छोड़कर छिप गया।

पुलिस से बातचीत के बाद परिवार लौटा
पुलिस अधिकारियों ने परिवार से बात की और उन्हें भरोसा दिया कि उन्हें किसी तरह का खतरा नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद परिवार घर लौटने को तैयार हुआ। बाद में लॉटरी विक्रेता उन्हें चंडीगढ़ ले गया, जहां उन्होंने विजयी टिकट जमा कराया।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें