Last Updated: September 25, 2026

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शानन पावर प्रोजेक्ट पर पंजाब का मालिकाना हक: बिजली मंत्री हरभजन सिंह

April 18, 2025

शानन पावर प्रोजेक्ट पर पंजाब का मालिकाना हक: बिजली मंत्री हरभजन सिंह

चंडीगढ़: पंजाब राज्य के बिजली मंत्री स. हरभजन सिंह ईटीओ ने आज यहाँ एक बयान जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा शानन पावर प्रोजेक्ट संबंधी दिए गए बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि शानन पावर प्रोजेक्ट पर पंजाब राज्य का स्वामित्व है और इस पर हिमाचल प्रदेश सरकार का कोई हक नहीं बनता। उन्होंने कहा कि अग्निहोत्री को शानन प्रोजेक्ट संबंधी बयान देने से पहले तथ्यों से अवगत हो जाना चाहिये थी। तथ्यों से अनजान होने के कारण अग्निहोत्री गलत बयानबाजी कर दो राज्यों के आपसी संबंधों को खराब करने का काम कर रहे हैं।

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि मैं अग्निहोत्री के संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि 1966 में पंजाब राज्य का पुनर्गठन हुआ था, जिसके पश्चात भारत सरकार ने पुनर्गठित राज्यों की संपत्तियों और देनदारियों की मालिकी संबंधी तिथि 01-05-1967 का नोटिफिकेशन जारी किया था। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 67(4) के अनुसार भारत सरकार ने हाइड्रो पावर हाउस जोगिंदर नगर की संपत्तियाँ पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को अलॉट की थीं, जो कि अब पीएसपीसीएल के रूप में पंजाब राज्य में सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि अग्निहोत्री को समझना चाहिए कि जो अधिनियम संसद द्वारा लागू किया गया हो, वह कानून बन जाता है, जो बिना किसी बदलाव के लागू होने योग्य दस्तावेज होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन राज्यों के अधिकारों को निर्धारित करता है, इसलिए, शानन प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से पंजाब राज्य की संपत्ति है।

स. हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि भारत सरकार के सिंचाई और विद्युत मंत्रालय द्वारा अपने पत्र संख्या ईएल11.77(45)/71 दिनांक 22-03-1972 के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार की बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं और विद्युत विभाग के सचिव को सूचित किया गया था कि विद्युत स्टेशनों के वितरण के संबंध में 01-05-1967 की नोटिफिकेशन को संशोधित नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संपत्ति के स्वामित्व संबंधी मुद्दा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार के विद्युत विभाग, ऊर्जा मंत्रालय के समक्ष भी उठाया गया था और इसे वर्ष 1987 में भी भारत सरकार द्वारा दोबारा स्पष्ट तरीके से रद्द कर दिया गया था। इससे स्पष्ट हो जाता है कि शानन पावर प्रोजेक्ट की पंजाब राज्य को अलॉटमेंट बिलकुल सही है और यह पंजाब का है।

बिजली मंत्री ने कहा कि अग्निहोत्री द्वारा अपने बयान में यह कहना कि मंडी के राजा द्वारा भारत सरकार को 99 साल के पट्टे पर दिया गया था और इसके साथ यह भी कहना कि हिमाचल प्रदेश का मंडी क्षेत्र कभी भी पंजाब राज्य का हिस्सा नहीं रहा, के बारे में मैं अग्निहोत्री को बताना चाहता हूँ कि मंडी के राजा और अंग्रेज सरकार के बीच समझौते के तहत सन 1925 में बनना शुरू हुआ था और 1932 में पूरा हो गया था। भारत देश बनने के पश्चात हिमाचल प्रदेश का हर जिला पंजाब का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मनगढ़ंत बयान देकर अग्निहोत्री हिमाचल के लोगों को मूर्ख बनाना चाहते हैं।

बिजली मंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शानन पावर प्रोजेक्ट की पट्टे की समाप्ति संबंधी जिक्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान को पत्र लिखा था कि यह प्रोजेक्ट अब हिमाचल सरकार को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा शानन पावर प्रोजेक्ट संबंधी बनाए जा रहे बेवजह दबाव को खत्म करने और पंजाब के हितों की रक्षा के मद्देनजर पंजाब सरकार के सचिव (विद्युत) द्वारा माननीय सर्वाेच्च अदालत में केस दायर किया गया है जोकि माननीय सर्वाेच्च अदालत के विचाराधीन है। इसलिए मुकेश अग्निहोत्री को शानन पावर प्रोजेक्ट संबंधी बयानबाजी से गुरेज़ करना चाहिए।

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