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पंजाब पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने 1 अक्टूबर से प्रस्तावित गिरफ्तारी कार्यक्रम टाला, आगामी संघर्ष में भागीदारी का फैसला

मोगा। पंजाब गवर्नमेंट पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की प्रदेश स्तरीय बैठक पेंशनर्स भवन में फ्रंट के अध्यक्ष कर्म सिंह धनौआ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष की समीक्षा की गई। इस दौरान फ्रंट ने 1 अक्टूबर से गिरफ्तारियां देने के प्रस्तावित कार्यक्रम को फिलहाल आगे बढ़ाने का फैसला किया। साथ ही साझा फ्रंट और साझा मुलाजिम मंच तालमेल कमेटी की ओर से घोषित किए जाने वाले आगामी संघर्ष में पेंशनरों की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में अविनाश शर्मा, सुखविंदर सिंह सैनी और भजन सिंह गिल ने बताया कि 29 जुलाई को संगरूर में पेंशनर फ्रंट की ओर से की गई रैली की समीक्षा की गई। रैली के बाद वित्त मंत्री की कोठी की ओर मार्च किया गया था। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर संगरूर के माध्यम से 12 अगस्त को वित्त मंत्री के साथ बैठक का पत्र प्राप्त हुआ। बैठक में 2.59 के गुणांक सहित पेंशनरों की मांगों पर चर्चा की गई। इसके बाद 24 अगस्त को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ दोबारा बैठक हुई। वित्त मंत्री ने फ्रंट के प्रतिनिधियों को 25 अगस्त को हाई पावर कमेटी के समक्ष अपनी मांग रखने के लिए कहा, लेकिन वहां भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

फ्रंट नेताओं ने कहा कि 22 जुलाई 2022 से सरकार के साथ 2.59 के गुणांक को लेकर कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक मांग का समाधान नहीं हुआ। नेताओं ने कहा कि पेंशनरों को बार-बार बैठकों के माध्यम से आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि उनकी मांग लंबित है।

बैठक में नाहर सिंह, देव राज और कुलवर्ण सिंह ने साझा फ्रंट तथा साझा मुलाजिम मंच तालमेल कमेटी के संघर्ष पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में हुई रैली और कर्मचारियों की हड़ताल के बाद मुख्यमंत्री की ओर से बैठक का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन 27 अगस्त की प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और मंत्रियों-विधायकों के आवासों का घेराव किया गया।

धनवंत सिंह भट्ठल, सुखमंदर सिंह मोगा और सरबजीत दौधर ने 18 सितंबर को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विस्तार से चर्चा के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया। नेताओं ने 8 प्रतिशत डीए देने की घोषणा को भी खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 18 प्रतिशत डीए देने और बकाया राशि एकमुश्त जारी करने की मांग की।

मनजीत सिंह सैनी और अंग्रेज सिंह ने बताया कि बैठक में 1 अक्टूबर से गिरफ्तारियां देने के कार्यक्रम को फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। फ्रंट ने साझा फ्रंट और साझा मुलाजिम मंच तालमेल कमेटी की ओर से तय किए जाने वाले संघर्ष में बड़ी संख्या में शामिल होने का फैसला किया है।

सुरिंदर राम कुस्सा ने बताया कि 30 सितंबर को कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से विधानसभा लगाने तथा 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली रैली में पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट की ओर से बड़ी संख्या में भाग लिया जाएगा। वहीं, कार्यकारी वित्त सचिव निर्मल सिंह ने 29 जुलाई की रैली से अब तक आय-व्यय का विवरण बैठक में पेश किया, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने संतोष व्यक्त किया।

फ्रंट नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में बैठक कर पंजाब सरकार की कर्मचारी-पेंशनर नीतियों के खिलाफ अगले चरण के संघर्ष की घोषणा की जाएगी।

📍 Location: मोगा

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