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पंजाब पुलिस ने फॉर्च्यूनर सवार तीन आरोपियों को अवैध हथियार समेत किया गिरफ्तार

लुधियाना : थाना डिवीजन नं.5 की पुलिस ने फॉर्च्यूनर सवार तीन आरोपियों को अवैध हथियार समेत गिरफ्तार किया है। उन आरोपियों में पंजाब पुलिस का डिसमिस कांस्टेबल भी शामिल है। आरोपियों ने किराए पर ली फॉर्च्यूनर की पहचान बदलकर उसके ट्रैकिंग सिस्टम को बंद कर हड़पने का प्रयास किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ समय के बाद ही तीनों आरोपियों में से एक आरोपी ने सिविल अस्पताल में मैडीकल करवाने के समय पुलिस की टीम को चकमा दिया और फरार हो गया। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर निवासी विकास, फिरोजपुर निवासी परविंदर सिंह व कपूरथला निवासी विपन के रूप में हुई है।

जिनमे से आरोपी विकास पंजाब पुलिस का डिसमिस कांस्टेबल है। इन आरोपियों में से आरोपी विपन पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया है। आरोपियों से छह ज़िंदा कारतूस समेत प्वाइंट 32 बोर का रिवाल्वर व छह ज़िंदा कारतूस समेत प्वाइंट 32 बोर का पिस्टल बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन नं. 5 में आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। ए.सी.पी. सिविल लाइन्स सरबजीत सिंह चीमा ने बताया कि फॉर्च्यूनर एक कार रेंटल कंपनी की थी। चंडीगढ़ के रहने वाले गुरदेव सिंह ने उस कार को छह हजार रुपए के किराए पर लगभग 10 दिन पहले लिया था।

आरोपियों ने बाद में गुरदेव सिंह को बतौर सिक्योरिटी साढ़े पांच लाख रुपए देकर फॉर्च्यूनर कार ली और वापिस न देने की साजिश रची। आरोपियों ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट को बदल दिया और कार में से जीपीएस ट्रैकर भी हटा दिया। लेकिन कार में रेंटल कंपनी की तरफ से छिपा कर लगाया गया एक जी.पी.एस. ट्रैकर चालू रह गया। जिससे कार रेंटल कंपनी को कार की लोकेशन के बारे में पता लगा। लेकिन गुरदेव सिंह ने कंपनी को बताया कि कार उसी के पास है।

जब कार की लोकेशन पर कंपनी को संदेह हुआ तब उन्होंने लुधियाना पुलिस को सूचित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने कार समेत तीन आरोपियों को अवैध हथियार समेत गिरफ्तार किया। उन आरोपियों में विकास पंजाब पुलिस का डिसमिस कांस्टेबल निकला, जिसे किसी आपराधिक मामले में नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इस मामले को लेकर पुलिस की टीम ने आरोपियों से बाकी पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी मुताबिक़ यहां बता दें कि इस मामले में नामजद आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने से पहले मेडिकल प्रक्रिया दौरान एक आरोपी पुलिस की कस्टडी से भाग निकला।

पुलिस की टीम जब सिविल अस्पताल में आरोपियों का मेडिकल करवाने के लिए लेकर पहुंची। तब आरोपी विपन ने पुलिस की टीम को चकमा दिया और फरार हो गया। इस संबंधी थाना डिवीजन न.5 के एस.एच.ओ. हमराज सिंह चीमा ने थाना डिवीजन न.2 की पुलिस को सूचित कर दिया। थाना डिवीजन न.2 की पुलिस द्वारा आरोपी विपन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी तालाश में जुट गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस कस्टडी में बाकी दोनों आरोपियों से पूछताछ दौरान कई खुलासे होने की उम्मीद है।

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