पटियाला: पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जिसमें विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर, काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पटियाला और राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) मोहाली ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े तीन खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर अप्रैल 2025 में पंजाब और हरियाणा में हुए दो ग्रेनेड हमलों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने 1 अप्रैल को पटियाला के बादशाहपुर इलाके और 6 अप्रैल को हरियाणा के अजीमगढ़ में पुलिस चौकियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमले किए थे।
Acting on specific intelligence inputs, Counter Intelligence (CI) #Patiala & State Special Operation Cell (#SSOC), Mohali apprehends three operatives of Babbar Khalsa International (#BKI) involved in grenade attacks on police posts at Badshahpur, #Patiala on April 1, 2025, and… pic.twitter.com/TkAsFTRbgN
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) July 20, 2025
विदेशी नेटवर्क से निर्देश और समर्थन
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन हमलों की साजिश विदेशों में बैठे बीकेआई के वरिष्ठ सदस्य मनु अगवान (ग्रीस) और मनिंदर बिल्ला (मलेशिया) ने रची थी। ये दोनों पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीधे निर्देश पर काम कर रहे थे।
बरामद हथियार और योजना
पुलिस ने इन आतंकियों के पास से दो शक्तिशाली हथगोले, एक .30 बोर और एक .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की है। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह आतंकी मॉड्यूल लगातार पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था और इन्हें विदेश से रसद व आर्थिक मदद मिल रही थी।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
एसएसओसी, मोहाली ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
डीजीपी का सख्त संदेश
डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस संगठित अपराध और आतंकवादी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। हमारे नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।” यह कार्रवाई न सिर्फ पंजाब पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राज्य में आतंक के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

