चंडीगढ़: राज्य से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर नशे के खिलाफ चल रही जंग ‘युद्ध नशिया विरुद्ध’ के 38वें दिन में प्रवेश करते हुए पंजाब पुलिस ने सोमवार को राज्य भर के 225 बस स्टैंडों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया। यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर सभी 28 पुलिस जिलों में चलाया गया।
विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला, जो इस राज्य स्तरीय अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे थे, ने कहा कि सभी सीपी/एसएसपी को इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के अधिकारियों की निगरानी में भारी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 225 बस स्टैंडों पर चलाए गए अभियान के दौरान लगभग 2947 लोगों की जांच की गई।
इसके अलावा, पुलिस टीमों ने नशे के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए सोमवार को 466 स्थानों पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य भर में 31 प्राथमिकी दर्ज करके 38 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, 38 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 5239 तक पहुंच गई है।
विशेष डीजीपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान गिरफ्तार नशा तस्करों के कब्जे से 2.2 किलोग्राम हेरोइन, 1.8 किलोग्राम अफीम और 17600 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि 87 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 1200 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 200 से अधिक पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की तथा दिनभर चले अभियान के दौरान 481 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है और राज्य से नशे की समस्या के उन्मूलन तक इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
विशेष डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य से नशीले पदार्थों के उन्मूलन के लिए तीन-आयामी रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) को लागू किया है, पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ के हिस्से के रूप में एक व्यक्ति को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया है।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने छह जिलों- कमिश्नरेट अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, बटाला, अमृतसर ग्रामीण और तरनतारन- की विभिन्न जेलों में तलाशी अभियान चलाया है, ताकि जेल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर लगाम लगाई जा सके। विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा, “हमारी पुलिस टीमों ने जेल परिसर में बैरक, रसोई और शौचालयों सहित हर कोने की गहन तलाशी ली है।”
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