Site icon Dainik Savera Times

सीखने के परिणामों और गुणवत्ता में पंजाब देशभर में रहा अव्वल: हरजोत सिंह बैंस

Harjot Singh Bains

Harjot Singh Bains

चंडीगढ़: स्कूली शिक्षा में नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए पंजाब देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में उभरा है। पंजाब ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी वर्ष 2024-25 के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पी.जी.आई.) 2.0 में पहला स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल होने के महज दो सप्ताह बाद ही पंजाब ने पी.जी.आई. में यह शीर्ष स्थान हासिल किया है।

इस शानदार उपलब्धि के बारे में आज यहां जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब ने प्रचेष्टा-ग्रेड 1 (51 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच स्कोर) हासिल किया है। पंजाब के साथ यह उपलब्धि केवल केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने हासिल की है। राज्य ने केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है और इन सभी राज्यों को प्रचेष्टा-ग्रेड 2 में रखा गया है।

ये भी पढ़ें: हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर हो : भगवंत सिंह मान

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पीजीआई 2.0 रैंकिंग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को छह क्षेत्रों में उनके संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है, जिनमें सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं, समानता, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण शामिल हैं।

स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब ने 150.4 के प्रभावशाली स्कोर के साथ सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र ‘सीखने के परिणाम और गुणवत्ता’ में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है और यह शैक्षणिक गुणवत्ता के आकलन का सबसे प्रभावशाली मानदंड है।

जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई-डी) 2024-25 में बरनाला ने 461 के स्कोर के साथ पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल करते हुए प्रतिष्ठित उत्तम-2 ग्रेड प्राप्त किया है। इसके बाद श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर (नवांशहर), होशियारपुर, संगरूर, तरनतारन और मालेरकोटला जिलों का नाम शामिल है। इससे यह साबित होता है कि सभी जिलों में कक्षाओं में उत्कृष्टता सुनिश्चित की गई है। पीजीआई-डी के तहत जिलों को छह प्रमुख क्षेत्रों में रैंकिंग दी जाती है, जिनमें परिणाम, प्रभावी कक्षा संवाद, बुनियादी ढांचा सुविधाएं एवं विद्यार्थियों के अधिकार, स्कूल सुरक्षा और बाल सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा तथा प्रशासनिक प्रक्रिया शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: पंजाब में सरकार के प्रति जबरदस्त प्रो-इनकम्बेंसी, 2027 में ‘‘आप’’ तोड़ेगी पिछला रिकॉर्ड : केजरीवाल

इस उपलब्धि के लिए मेहनती और समर्पित शिक्षकों को बधाई देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा- यह आपकी जीत है। आपके सामूहिक प्रयासों के कारण शिक्षा क्रांति एक सोच से हकीकत बनी है। देशभर में सीखने के परिणामों के क्षेत्र में शीर्ष पर होना यह दर्शाता है कि शिक्षा को रटने की बजाय समझने को दी जा रही प्राथमिकता से यह परिणाम हासिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हमने पुरानी परंपरा को समाप्त कर दिया है। केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ना हर पंजाबी के लिए गर्व की बात है। पंजाब के सरकारी स्कूल पूरे देश के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं। हम केवल स्कूल नहीं बना रहे, बल्कि ऐसा पंजाब तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है।

Exit mobile version