Punjab Records 340 Stubble-Burning Incidents : लुधियाना। पंजाब में धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। 19 अक्टूबर 2026 तक राज्य में पराली जलाने की 340 घटनाएं दर्ज की गई हैं। कृषि विभाग किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक कर रहा है। ICAR प्रमुख के अनुसार, धान की कटाई का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अमृतसर और तरनतारन जैसे सीमावर्ती जिलों में हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पराली जलाने की कुल घटनाओं में करीब 80 प्रतिशत मामले इन्हीं दो जिलों से संबंधित हैं। उन्होंने स्थिति पर गंभीरता से निगरानी रखने, कृषि मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने और जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती तथा कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
लुधियाना का कृषि विभाग भी इस प्रथा को रोकने के लिए कई कदम उठा रहा है। ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के प्रमुख ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि धान की कटाई का सबसे बड़ा हिस्सा—लगभग 70 प्रतिशत—अमृतसर और तरनतारन जैसे सीमावर्ती जिलों में हुआ है। नतीजतन, पराली जलाने की ज्यादातर घटनाएं इन्हीं दो जिलों में दर्ज की गई हैं। पूरे पंजाब में सामने आए पराली जलाने के कुल मामलों में से 80 प्रतिशत मामले इन्हीं दो जिलों से हैं।

