पंजाब डेस्क: राज्य में बाढ़ की स्थिति में पंजाब सरकार द्वारा सरकारी और निजी स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया गया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ट्वीट के ज़रिए यह जानकारी दी है कि 8 सितंबर को राज्य के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षकों को इस दिन स्कूल में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
सफाई अभियान पर रहेगा फोकस
बाढ़ के चलते कई स्कूल परिसरों में कीचड़ और गंदगी जमा हो गई है। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि 8 सितंबर को शिक्षकों की निगरानी में स्कूल परिसरों की सफाई कराई जाएगी। यह काम स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC), स्थानीय पंचायतों, नगर परिषदों और नगर निगमों के सहयोग से किया जाएगा।
स्कूल भवनों की होगी गहन जांच
शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल की इमारतों का गहन निरीक्षण करें और अगर किसी भी प्रकार की क्षति, दरार, या कोई अन्य संरचनात्मक समस्या पाई जाती है, तो उसकी रिपोर्ट तत्काल जिला उपायुक्त और इंजीनियरिंग विभाग को दी जाए।
9 सितंबर से सामान्य रूप से खुलेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी स्कूल 9 सितंबर से नियमित रूप से छात्रों के लिए खोल दिए जाएंगे। हालांकि, जिन क्षेत्रों में बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है, वहां स्कूल खोलने या बंद रखने का अंतिम निर्णय संबंधित जिले के उपायुक्त द्वारा लिया जाएगा।
ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਦੇ ਵਿੱਦਿਅਕ ਅਦਾਰਿਆਂ ਦੇ ਖੁੱਲਣ ਸੰਬੰਧੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਤੇ ਹਿਦਾਇਤਾਂ
1. ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਸਰਕਾਰੀ, ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਅਤੇ ਏਡਿਡ ਸਕੂਲ, ਕਾਲਜ ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਕੱਲ੍ਹ ਤੋਂ ਆਮ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖੁੱਲਣਗੀਆਂ। ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਸਕੂਲ ਜਾਂ ਕਾਲਜ਼ ਹੜ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰਨ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ…
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) September 7, 2025
निजी स्कूलों को भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
वहीं, निजी स्कूलों और कॉलेजों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसर की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि भवन पूरी तरह सुरक्षित हो, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
सरकारी और निजी स्कूल छात्रों के लिए बंद
8 सितंबर को सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे।
शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहकर सफाई और निरीक्षण का कार्य करना होगा।
निजी संस्थानों को सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से करनी होगी।
9 सितंबर से सभी सरकारी स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल खोलने का निर्णय जिला प्रशासन लेगा।
यह निर्णय बाढ़ के बाद की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई में बाधा न आए और उनकी सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।

