Punjab Schools Holidays : पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल 27 अगस्त से 30 अगस्त तक बंद रहेंगे।
ਪਿਛਲੇ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਮੀਂਹ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਅੱਗੇ ਵੀ ਕੁੱਝ ਦਿਨ ਭਾਰੀ ਮੀਂਹ ਪੈਣ ਦਾ ਅਨੁਮਾਨ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ, ਸੈਕੰਡਰੀ, ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਰਕਾਰੀ ਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲ 27 ਅਗਸਤ ਤੋਂ 30 ਅਗਸਤ ਤੱਕ ਬੰਦ ਰਹਿਣਗੇ।
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पिछले दिनों से भारी बारिश हो रही…— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 26, 2025
रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा
पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का असर अब पंजाब में भी साफ नजर आने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के सात जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रणजीत सागर बांध और भाखड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या गंभीर होती जा रही है।
इन जिलों के स्कूल बंद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले ही जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों के स्कूल बंद कर दिए गए थे। इसके अलावा अमृतसर जिले के अजनाला और रईया ब्लॉक के स्कूलों में भी कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। वहीं, फाजिल्का जिले के करीब 20 बाढ़ प्रभावित गांवों के स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के चलते तरनतारन और फिरोजपुर जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। हरिके हेडवर्क्स से छोड़े गए पानी ने इन क्षेत्रों की नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। इसके अलावा ब्यास नदी पर बने चक्की रेलवे पुल के नीचे मिट्टी धंसने से पठानकोट-जालंधर रेल मार्ग को बंद करना पड़ा। इस वजह से 90 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कुछ ट्रेनों को पठानकोट-अमृतसर-जालंधर मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है।
सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रदेश सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से नदियों या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं। जिला प्रशासन और राहत दल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य किए जा सकें।
भारी बारिश के चलते शिक्षा व्यवस्था से लेकर परिवहन सेवाओं तक पर असर पड़ा है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। सरकार ने कहा है कि हालात सामान्य होने के बाद ही स्कूलों को दोबारा खोला जाएगा।

