रोपड़: पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य की नदियों में जलस्तर बढ़ता जा रहा है। ताजा हालात में भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है, जिसके चलते मंगलवार की शाम 5 से 7 फीट तक फ्लड गेट खोलने पड़े। इसका सीधा असर सतलुज नदी के किनारे बसे गांवों पर पड़ा है, जहां अब पानी घुसने लगा है।
डैम के जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के अनुसार, मंगलवार शाम डैम का जलस्तर 1677.29 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1680 फीट है। यानी जलस्तर अब महज 2.71 फीट दूर है उस बिंदु से, जहां हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि अगले 24 घंटों में जल आवक नहीं घटी, तो और गेट खोलने पड़ सकते हैं।
सतलुज नदी में उफान, गांवों में घुसा पानी
फ्लड गेट से छोड़े गए पानी ने सतलुज नदी के जलस्तर को और अधिक बढ़ा दिया है। पहले से ही खतरे के निशान के नजदीक बह रही सतलुज अब ओवरफ्लो की स्थिति में है। परिणामस्वरूप नदी के किनारे बसे कई गांवों में पानी भर गया है। खेत, घर और सड़कें जलमग्न हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
मालवा क्षेत्र में हाई अलर्ट
मौजूदा हालात को देखते हुए पंजाब के मालवा क्षेत्र के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी है। वहीं, राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और लोकल प्रशासन की टीमें तैनात की जा चुकी हैं।
पौंग और रणजीत सागर डैम भी खतरनाक स्तर पर
भाखड़ा डैम के अलावा पौंग डैम और रणजीत सागर डैम का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे राज्य में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

