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मिड-डे मील-आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने किया औचक निरीक्षण; खराब राशन पर जताई चिंता, दी चेतावनी

लुधियाना Anganwadi : पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य चेतन प्रकाश धालीवाल ने मंगलवार को हैबोवाल कलां के सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों, जोशी नगर के आंगनबाड़ी केंद्र और संतोष नगर, पवित्र नगर व हकीकत नगर के राशन डिपो उनका औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धालीवाल ने मिड-डे मील का स्वाद चख कर गुणवत्ता की जांच की और भोजन स्टोर करने की व्यवस्थाएं देखीं और व्यवस्थाएं सही न होने पर चिंता जताई।

निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में सफाई की कमी और अनाज के खराब भंडारण की शिकायत सामने आई। कुछ स्थानों पर पीने के पानी में घुलनशील ठोस पदार्थों (टी.डी.एस.) का स्तर अधिक पाया गया। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए कि इस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

स्टाफ को सिर ढककर काम करने के निर्देश
मिड-डे मील स्टाफ सिर और हाथ ढककर निर्धारित पोषण मैन्यू के अनुसार भोजन तैयार करे और सफाई का पूरा ध्यान रखे। धालीवाल ने मिड-डे मील रजिस्टर और आरओ सिस्टम की भी जांच की। जहां सुविधा नहीं मिली, वहां आरओ लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रों और मिड-डे मील वर्करों की हर 6 महीने में स्वास्थ्य जांच करवाने को कहा, साथ ही स्कूलों को पोषण बढ़ाने के लिए ताजे, फल और सब्जियां भोजन में शामिल करने की अपील की।

राशन डिपो पर नहीं थी शिकायत पेटी और जागरूकता बैनर
धालीवाल ने संतोष नगर, पवित्र नगर और हकीकत नगर के राशन डिपो की भी जांच की। जांच के दौरान वहां शिकायत पेटी और जानकारी देने वाले बैनर न होने पर नाराजगी जताई। सभी डिपो पर शिकायत पेटी लगाने और पंजाब खाद्य आयोग का टोल-फ्री नंबर (9876764545) प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए ताकि लोग शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें।

बैठक में उठे जैविक खेती व साफ पानी के मुद्दे
जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्कूल हैल्थ प्रोग्राम, अंत्योदय योजना, उचित मूल्य दुकानें, मिड-डे मील, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड-डे मील और खाद्य/पानी के नमूने लेने की पहल समेत प्रमुख जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया और अत्यधिक रासायनिक खाद व कीटनाशकों से होने वाले स्वास्थ्य खतरे पर भी चर्चा की गई। धालीवाल ने साफ किया कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही पर भविष्य में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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