बठिंडा: पंजाब क्रिकेट के लिए गर्व की खबर सामने आई है। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की U-19 टीम ने 13 साल बाद BCCI की प्रतिष्ठित वीनू मांकड़ ट्रॉफी जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। पंजाब की इस शानदार जीत से जहां पूरे राज्य में खुशी की लहर है, वहीं बठिंडा के दो टैलेंटेड खिलाड़ियों तनमई धरनी और लक्ष कंसल के इसमें शामिल होने से शहर का गौरव और बढ़ गया है।
टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बठिंडा के मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने दोनों खिलाड़ियों को शॉल और यादगारी देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मेयर ने खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण की सराहना की और कहा कि इन युवाओं ने अपने माता-पिता के साथ-साथ बठिंडा और पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि खेलों में सफलता पाने के लिए टैलेंट के साथ-साथ कड़ी मेहनत, अनुशासन और पक्के इरादे की भी ज़रूरत होती है।
तन्मई धरनी और लक्ष कंसल की यह कामयाबी शहर के दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा का ज़रिया बनेगी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों और उनके परिवारों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गौरतलब है कि पिछले साल पंजाब अंडर-19 टीम इस टूर्नामेंट में रनर-अप रही थी, लेकिन इस बार टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का सम्मान हासिल किया। इस जीत में खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, टीम वर्क और कोचिंग स्टाफ के योगदान ने अहम भूमिका निभाई।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अमरजीत मेहता ने भी टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि 13 साल बाद वीनू मांकड़ ट्रॉफी जीतना पंजाब क्रिकेट के लिए बहुत गर्व की बात है। युवा खिलाड़ियों ने अपने टैलेंट, अनुशासन और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और इस सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी और कहा कि पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन भविष्य में भी युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और मौके देने की कोशिश करता रहेगा।
📍 Location: Bathinda

