इस कार्यक्रम में UK के एक प्रतिनिधिमंडल और पंजाब के प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का नेतृत्व ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा सेमेरिगलो ने किया। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (PAIC), कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) और इन्वेस्ट पंजाब द्वारा किया गया था। इस अवसर पर PAIC के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक ऋषभ बंसल, CII लुधियाना ज़ोन के पूर्व चेयरमैन आशप्रीत साहनी, ब्रिटिश मिशन के उप प्रमुख अमनदीप ग्रेवाल, वरिष्ठ व्यापार सलाहकार अनूप नारायणन और PAIC के महाप्रबंधक जपिंदर सिंह बाजवा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इसके अलावा, गोदरेज फूड्स, बॉन ब्रेड, क्रेमिका फूड्स, डेल मोंटे, बसंत फूड्स, स्टार फूड्स, आनंद करतार बेकरी, GEP ग्रुप, मामा ग्रेन्स, चाणक्य डेयरी, बीहाइव फार्म्स, BD एग्रो, अमर एग्रीकल्चर, BF बायोटेक, मिल्कफेड और मार्कफेड जैसी विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। सम्मेलन के दौरान, भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से मिलने वाले संभावित लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बताया गया कि टैरिफ (शुल्क) में कमी आने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी मशीनरी की आवाजाही भी आसान होने की उम्मीद है।
रोबोटिक पैकेजिंग उपकरणों का उदाहरण देते हुए बताया गया कि मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद, इन वस्तुओं पर लगने वाला शुल्क लगभग 8 प्रतिशत से घटकर लगभग शून्य हो गया है। इसके अलावा, चर्चा में बीज सुधार तकनीक, आनुवंशिकी (जेनेटिक्स), कार्बन परियोजनाएं, पशुपालन, बागवानी और पंजाब के कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण जैसे विषय शामिल थे। UK के प्रतिनिधिमंडल ने व्यावसायिक नवाचार, विज्ञान, व्यापार, उत्पाद की ट्रेसिबिलिटी (उत्पाद के स्रोत का पता लगाना) और गुणवत्ता परीक्षण को अपनी मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया। उन्होंने संयुक्त उद्यमों (जॉइंट वेंचर्स) के माध्यम से साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
पंजाब के उद्योगपतियों ने UK के प्रतिनिधिमंडल से सहयोग मांगा, ताकि उन्हें आलू के बीजों की बेहतर किस्मों और उनसे जुड़ी तकनीकों तक पहुंच मिल सके। इसके अलावा, पंजाब से UK को कच्चा चिकन निर्यात करने की संभावना पर चर्चा हुई। ‘मिल्कफेड’ (Milkfed) ने UK के बाज़ार में प्रवेश करने के लिए साझेदारी करने में रुचि दिखाई। PAIC ने ब्रिटिश खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों को ‘मेगा फूड पार्क’ में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी—यह एक ऐसी परियोजना है जिसे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तहत विकसित किया गया है।
PAIC ने मेगा फूड पार्क में काम कर रही कंपनियों और UK की कंपनियों के बीच तालमेल बिठाने में मदद करने का प्रस्ताव भी दिया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को मज़बूत किया जा सके और संयुक्त उपक्रमों (joint ventures) को बढ़ावा मिल सके। इस राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस को पंजाब और UK के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच नए व्यावसायिक संबंध बनाने, निवेश बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

