Punjab Vidhan Sabha Session : पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलने के फैसले के विरोध में आज पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में केंद्र के नए कानून और प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा।
विशेष सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे से हुई है। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे। इस दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं रखा गया है, लेकिन सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। विपक्ष कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने पंजाब सरकार पर बड़ा आरोप लगाया
कहा- पंजाब में MNREGA में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ
फाइनेंशियल घोटालों के 10,653 मामले सामने आए
पंजाब विधानसभा की कार्यवाही जारी
सबसे पहले, साहिबज़ादों को श्रद्धांजलि दी गई
पंजाब विधानसभा का MGNREGA पर स्पेशल सेशन
‘G RAM G’ पर सदन में चर्चा होगी
सदन में 3 और बिल पेश किए जाएंगे
MGNREGA के नाम और स्वरूप में बदलाव पर आपत्ति
केंद्र सरकार ने MGNREGA का नाम बदलकर “विकास भारत गारंटी मिशन फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड (ग्रामीण) एक्ट, 2025” कर दिया है। पंजाब सरकार का आरोप है कि यह बदलाव गरीब, मज़दूर और ग्रामीण वर्ग के हितों के खिलाफ है।
सत्र के दौरान राज्य सरकार केंद्र के इस फैसले की निंदा करते हुए प्रस्ताव पेश करेगी और MGNREGA में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग करेगी।
सरकार का कहना है कि नए कानून में रोजगार की गारंटी को बजटीय सीमाओं से जोड़ दिया गया है, जिससे काम का कानूनी अधिकार कमजोर हो सकता है। इसके अलावा 60:40 केंद्र-राज्य वित्तीय हिस्सेदारी से राज्यों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई गई है।
रोजगार और भुगतान पर संकट की आशंका
राज्य सरकार ने चिंता जताई है कि डिमांड आधारित सिस्टम खत्म होने से ग्रामीण इलाकों में समय पर काम और मजदूरी का भुगतान प्रभावित हो सकता है। खेती के मौसम में 60 दिनों तक काम बंद रखने के प्रावधान पर भी कड़ा एतराज़ है। सरकार के अनुसार इन बदलावों का सबसे ज़्यादा असर अनुसूचित जाति, महिलाओं और भूमिहीन मज़दूरों पर पड़ेगा।
पंचायतों की भूमिका घटने पर चिंता
विशेष सत्र में पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका कमजोर होने तथा योजनाओं के अत्यधिक केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही काम की सीमित श्रेणियों को लेकर यह आशंका जताई गई है कि स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार काम चुनने की आज़ादी कम हो जाएगी।
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चार साहिबजादों को श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद हाल ही में दिवंगत हुए पंजाब के पूर्व गवर्नर शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री जगतार सिंह मुल्तानी, पूर्व राज्य मंत्री तारा सिंह लाडल और पूर्व विधायक तरलोचन सिंह संध के सम्मान में शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। सत्र के दौरान सदन में कुल नौ रिपोर्ट भी पेश की जाएंगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...