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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व उप निदेशक आरके सिंगला और उनके परिवार की संपत्तियां कुर्क कीं: 3 बैंक खाते भी फ्रीज

चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने भ्रष्टाचार की चल रही जाँच में अदालत के आदेश के बाद, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के पूर्व उप निदेशक राकेश कुमार सिंगला, उनकी पत्नी रचना सिंगला और उनके बेटों स्वराज और सिद्धार्थ की आठ संपत्तियाँ और तीन बैंक खाते ज़ब्त कर लिए हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b) सहपठित 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B के तहत, राज्य बनाम राकेश कुमार सिंगला एवं अन्य मामले में, 19 अप्रैल, 2023 की एफआईआर संख्या 8 के आधार पर की गई है।

वीबी प्रवक्ता के अनुसार, कुर्क की गई अचल संपत्तियों में पांच व्यावसायिक दुकानें – यूजीएफ-30, यूजीएफ-29, यूजीएफ-27, यूजीएफ-28 और जीएफ-31 – पटवारखाना के पास, जीटी रोड, खन्ना में (30 जून, 2021 को पंजीकृत); फ्लैट नंबर 304, सेक्टर 48-ए, चंडीगढ़; इंटरनेशनल ट्रेड टॉवर, मुल्लांपुर (एसएएस नगर) में एक कार्यालय स्थान; और लेक कमर्शियल प्रोजेक्ट, ओमेक्स (एसएएस नगर) में एक एससीओ शामिल हैं।

ब्यूरो ने उपरोक्त संपत्तियों से किराये के रिटर्न के रूप में रचना सिंगला को जमा किए गए 1,08,44,785 रुपये के बैंक बैलेंस और स्वराज और सिद्धार्थ सिंगला के खातों में क्रमशः 14,32,992 रुपये और 16,25,088 रुपये की किराये की रसीदें भी कुर्क की हैं। 15 सितंबर, 2025 के आदेश द्वारा, अदालत ने मामले के लंबित रहने के दौरान अभियुक्तों और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों/वकीलों को कुर्क की गई संपत्तियों को हस्तांतरित या गिरवी रखने से रोक दिया है।

वीबी ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति का मामला 16 अगस्त, 2022 की एफआईआर संख्या 11 से हुए खुलासे के बाद सामने आया है, जिसमें खाद्यान्न श्रम और परिवहन निविदाओं में भ्रष्टाचार और गबन का आरोप लगाया गया है, और अपराध की आय का उपयोग करके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गई थीं। लुधियाना के राजगुरु नगर निवासी आरोपी दंपति कानून प्रवर्तन से बच रहे हैं और उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है। आगे और पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे की जाँच चल रही है।

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