चंडीगढ़: पंजाब में मौसम के तेवर लगातार बदल रहे हैं। राज्य में तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जबकि दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्तर पर पहुँच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालाँकि रात का तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री अधिक बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कल से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके असर से अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।
पराली जलाने के मामलों में तेजी
राज्य में मौसम में हल्की ठंडक के बावजूद पराली जलाने की घटनाएँ कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने के 178 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक मामले फिरोजपुर जिले से (29) रिपोर्ट हुए। इसके अलावा तरनतारन में 21, मुक्तसर में 20, संगरूर में 17 और अमृतसर व कपूरथला में 12-12 मामले सामने आए।
15 सितंबर से अब तक पराली जलाने की कुल घटनाएँ 2,262 तक पहुँच चुकी हैं। इनमें तरनतारन (444) सबसे आगे है, जबकि संगरूर (406), फिरोजपुर (236), अमृतसर (224), बठिंडा (144), पटियाला (136) और कपूरथला (96) भी सूची में शामिल हैं।
वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में
पराली जलाने के असर से राज्य का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ में AQI 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। रविवार को खन्ना का AQI 458 और मंडी गोबिंदगढ़ का 445 रहा। औसत स्तर पर भी इन शहरों का AQI क्रमशः 307 और 320 दर्ज हुआ। पटियाला का वायु गुणवत्ता सूचकांक 286 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पराली जलाने पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में सांस से जुड़ी बीमारियाँ और प्रदूषणजनित समस्याएँ और बढ़ सकती हैं।
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बारिश से मिल सकती है अस्थायी राहत
मौसम विभाग ने 4 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जिलों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, 5 नवंबर को अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर सहित आठ जिलों में मध्यम बारिश की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश प्रदूषण में अस्थायी राहत तो दे सकती है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान पराली प्रबंधन से ही संभव है।

