
चंडीगढ़: पंजाब में इस साल का मानसून न केवल समय पर आया, बल्कि अपने पीछे रिकॉर्ड तोड़ बारिश का असर भी छोड़ गया। मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 20 सितंबर के बीच राज्य में 621.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कि औसत सामान्य (418.1 मिमी) से लगभग 49 प्रतिशत अधिक है। यह बीते 125 वर्षों में पंजाब की सातवीं सबसे अधिक वर्षा है।
इस बार मानसून लगभग 40 से 45 दिनों तक सक्रिय रहा, जिसमें कई बार भारी बारिश देखने को मिली। जुलाई और अगस्त के महीनों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही, जब बारिश ने कई बार सामान्य स्तर को पार किया और जनजीवन को प्रभावित किया।
अब मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह तक मानसून की पूर्ण विदाई हो जाएगी। आगामी दिनों में राज्य भर में कोई विशेष वर्षा नहीं होगी और मौसम शुष्क व साफ़ बना रहेगा। इसके साथ ही दिन के तापमान में थोड़ी वृद्धि भी देखने को मिल सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान अनुमान:
अमृतसर: मौसम साफ़ रहेगा, तापमान 26°C से 36°C के बीच।
जालंधर: आसमान स्पष्ट, तापमान 26°C से 36°C के बीच।
लुधियाना: साफ़ मौसम, तापमान 27°C से 35°C के बीच।
पटियाला: शुष्क वातावरण, तापमान 26°C से 36°C के बीच।
मोहाली: तापमान 26°C से 36°C, आसमान साफ़ रहने की संभावना।
क्या है आगे की तैयारी?
पंजाब में इस बार हुई अत्यधिक बारिश ने फसलों, जलस्तर और बुनियादी ढांचे पर मिला-जुला असर डाला है। अब जब मानसून अलविदा कहने वाला है, तो राज्य सरकार और किसान समुदाय दोनों की नजर फसल की कटाई और अगली बुवाई की तैयारियों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में रबी फसलों की तैयारी जोरों पर होगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...