मोगा: पंजाबी संस्कृति, लोक परंपराओं और समृद्ध विरासत से जुड़ा तीज का त्योहार सावन महीने की खुशियों में चार चांद लगा देता है। इसी परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से लंडेके में इस वर्ष भी तीज का त्योहार बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। समारोह में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गिद्धे, बोलियों तथा पंजाबी लोकगीतों के माध्यम से पंजाबी संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की।
रंग-बिरंगे पंजाबी पारहरवे में सजी महिलाएं समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में गिद्धा डालते हुए बोलियां गाईं और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं। पंजाबी लोकगीतों की मधुर धुनों और गिद्धे की थाप से माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया।

समारोह के दौरान तीज से जुड़ी पुरानी यादें भी ताजा हुईं और महिलाओं ने पारंपरिक लोक-संस्कृति के साथ अपने जुड़ाव को महसूस किया। इस अवसर पर पूर्व इंस्पेक्टर अंगरेज कौर ने महिलाओं को तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज पंजाबी संस्कृति और हमारी समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन हमारी पुरानी परंपराओं और लोक-संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आयोजकों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। महिलाओं ने पंजाबी लोकगीत गाकर समारोह को यादगार बनाया। गिद्धे, बोलियों, पारंपरिक पहनावे, लोकगीतों और आपसी मेल-जोल से सजा यह तीज समारोह पंजाबी संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर पेश करते हुए यादगार बन गया।
📍 Location: मोगा