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पंजाबी यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने पंजाब सरकार से अपने वादे पूरे करने का किया आग्रह

पटियाला: पंजाबी यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने पंजाब सरकार से पंजाबी यूनिवर्सिटी का 150 करोड़ रुपए का बकाया कर्ज माफ करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने की मांग की है। यूनिवर्सिटी में आज हुई एक अहम बैठक में सदस्यों ने चिंता जताई कि सरकार वादा किए गए 30 करोड़ रुपए मासिक अनुदान तो दे रही है, लेकिन संस्थान के वित्तीय बोझ को कम करने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है।

बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र संगठनों ने भाग लिया और तीन प्रमुख मांगों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

स्थायी कुलपति की नियुक्ति
पंजाबी विश्वविद्यालय के अनुदान में वार्षिक 6% की वृद्धि
विश्वविद्यालय पर बकाया ऋण की पूर्ण छूट

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस समागम में पंजाबी यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत सिंह धनोआ, कार्यकारी सदस्य डॉ. गुलशन बंसल और डॉ. अमरप्रीत सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजिंदर सिंह बगारिया और अध्यक्ष प्रकाश सहित प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने कुलपति पद को भरने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जो एक साल से खाली पड़ा है, और पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। प्रतिभागियों ने यह भी मांग की कि पिछले दो महीनों से अनुपस्थित मौजूदा कुलपति को विश्वविद्यालय के मामलों के लिए उपलब्ध कराया जाए।

छात्र नेता रशपिंदर जिम्मी (पंजाब रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन), गगनदीप सिंह (पंजाब स्टूडेंट्स फेडरेशन), गुरदास सिंह (पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन), रमनदीप सिंह (एसएफआई) और गुरजंट सिंह (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन) ने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी कुलपति की कमी से शैक्षणिक और प्रशासनिक अस्थिरता पैदा हुई है।

जगतार सिंह, मनोज भामरी, यूनियन सचिव गुरप्रीत सोनी और डॉ. सुखजिंदर सिंह सहित कर्मचारी प्रतिनिधियों ने 6% वार्षिक अनुदान वृद्धि की मांग का पुरजोर समर्थन किया।

बैठक इस सख्त चेतावनी के साथ समाप्त हुई कि यदि पंजाब सरकार इन चिंताओं के समाधान के लिए तत्काल कदम नहीं उठाती है तो मोर्चा अपना आंदोलन तेज कर देगा।

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