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मुख्यमंत्री मान कैबिनेट के बड़े फैसले से शिक्षा, उद्योग और सामाजिक कल्याण को मिला नया बल

Punjab's new future with a new university

Punjab's new future with a new university

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब कैबिनेट ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में शिक्षा, उद्योग, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाना है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से पंजाब के विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे।

श्री आनंदपुर साहिब में बनेगा विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय

पंजाब कैबिनेट ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर श्री आनंदपुर साहिब में एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है। यह विश्वविद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान करेगा।

पंजाब सरकार का मानना है कि यह संस्थान न केवल पंजाब बल्कि देश-विदेश के छात्रों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। इससे शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे तथा पंजाब की शैक्षणिक पहचान और मजबूत होगी।

सरकारी कॉलेजों में होगी 1,158 शिक्षकों की भर्ती

उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने 1,158 सहायक प्रोफेसरों और पुस्तकालयाध्यक्षों की भर्ती को मंजूरी दी है।

इस भर्ती से सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। सरकार का कहना है कि योग्य शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई नीति

पंजाब सरकार ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। यह नीति “पंजाब उद्योग क्रांति” पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

नई नीति के तहत राज्य में निवेश बढ़ाने, नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने की भी योजना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

होमगार्ड स्वयंसेवक के परिवार को मिलेगी 1 करोड़ रुपये की सहायता

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले होमगार्ड स्वयंसेवक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला उन लोगों के सम्मान में लिया गया है, जो जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा करते हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

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