अमृतसर: ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कटरा शेर सिंह स्थित मां चिंतपूर्णी ट्रेडर्स पर छापेमारी की। इस दौरान अमृतसर-II की ड्रग कंट्रोल अधिकारी बबलीन कौर और अमृतसर-III के DCO सुखदीप सिंह ने जांच करते हुए नौ प्रकार की दवाइयां जब्त की। विभागीय जानकारी के अनुसार, दुकान के प्रभारी द्वारा संबंधित दवाइयों का खरीद रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। जब्त दवाइयों में प्रीगैबलिन 300 एमजी के 20,510 कैप्सूल तथा प्रीगैबलिन और लॉराजेपाम की 2,220 टैबलेट शामिल हैं।
जब्त दवाइयों की अनुमानित बाजार कीमत 4.66 लाख रुपए बताई गई है। विभाग के अनुसार, अमृतसर के जिला मेजिस्ट्रेट (DM) द्वारा 75 एमजी से अधिक क्षमता वाली दवाइयों के स्टॉक और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को अलग से लिखित अनुरोध भेजा गया है। दैनिक सवेरा की टीम ने पहले भी कटरा शेर सिंह क्षेत्र में कथित तौर पर नकली दवाइयों के कारोबार को लेकर सूत्रों के हवाले से चिंता जताई थी।
इस संबंध में दैनिक सवेरा की टीम ने ZLA अमृतसर कुलविंदर सिंह से बातचीत कर क्षेत्र में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर चल रहे नकली दवाइयों के कारोबार का मुद्दा उठाया था। दैनिक सवेरा की टीम का कहना है कि इस मुद्दे को उठाए जाने के बावजूद, उस समय तक संबंधित क्षेत्र में ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई थी। अब ZLA कुलविंदर सिंह से सीधा सवाल है कि उन्होंने कटरा शेर सिंह की होलसेल मार्केट में कथित नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ आखिरी बार रेड कब की थी?
क्या विभाग के पास इस संबंध में की गई पिछली छापेमारी, जांच और जब्त की गई दवाइयों का रिकॉर्ड उपलब्ध है? यदि इस बाजार में नकली दवाइयों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, तो उनकी जांच के लिए क्या कदम उठाए गए? 16 अक्टूबर को मां चिंतपूर्णी ट्रेडर्स पर हुई कार्रवाई के बाद दवा कारोबार की निगरानी और शिकायतों पर विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संबंधित विभाग को इन सवालों का जवाब देते हुए क्षेत्र में दवाइयों की खरीद-बिक्री और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।

