जालंधर: पंजाब में बीते दिन हुई तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों और आढ़तियों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। जालंधर की दाना मंडी में खुले में रखी धान की फसल बारिश के कारण भीग गई। इससे फसल को सुखाने और दोबारा बोरियों में भरने का काम शुरू करना पड़ा है। हालांकि, सुबह धूप निकलने से आढ़तियों और मजदूरों को कुछ राहत मिली है।
जालंधर मंडी में पहुंचा 4.41 लाख टन धान
जालंधर की दाना मंडी में अब तक करीब 4 लाख 41 हजार टन धान पहुंच चुका है। मंडी में रखी फसल का कुछ हिस्सा शेड के नीचे सुरक्षित है, जबकि काफी मात्रा में धान खुले स्थानों पर रखा गया है। बारिश के कारण खुले में पड़ी फसल भीग गई, जिससे खरीद और भंडारण की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, जालंधर शहर के अंतर्गत आने वाली आठ मंडियों का धान भी इसी मंडी में पहुंचता है। इस सीजन में मंडी में करीब 11 लाख टन धान आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बारिश के बाद धान सुखाने में जुटे मजदूर
बारिश के कारण धान की बोरियां और खुले में रखी फसल भीगने से किसानों और आढ़तियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। सुबह धूप निकलने के बाद मजदूरों ने भीगे हुए धान को सुखाने का काम शुरू कर दिया। इसके बाद फसल को दोबारा बोरियों में भरने की प्रक्रिया की जा रही है।
आढ़तियों के सामने अब फसल को सुरक्षित रखने के साथ-साथ समय पर खरीद सुनिश्चित करने की चुनौती भी है। यदि मौसम दोबारा खराब होता है, तो खुले में रखे धान को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रह सकती है।
मंडी में पानी निकासी के लिए भी इंतजाम
अधिकारियों ने बताया कि बारिश के दौरान मंडी में पानी की निकासी के लिए मोटरों की व्यवस्था भी की गई है। जरूरत पड़ने पर इन मोटरों को चलाकर पानी निकालने का काम किया जाता है। अधिक बारिश होने पर प्रशासन की ओर से भी आवश्यक इंतजाम किए जाते हैं।
मंडी प्रशासन का कहना है कि किसानों को भुगतान के मामले में भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
किसानों से सूखा धान लाने की अपील
मंडी अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं। इससे धान की खरीद में आसानी होगी और बारिश या नमी के कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सकेगा।
फिलहाल, जालंधर मंडी में बारिश से भीगे धान को सुखाने का काम जारी है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहता है, इस पर किसानों और आढ़तियों की नजर बनी हुई है।

