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लुधियाना उपचुनाव में कांग्रेस की हार पर बोले राजा वड़िंग, कहा- हार-जीत जिंदगी का हिस्सा, करेंगे आत्ममंथन

Ludhiana by-election: लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार ने जीत हासिल की। चुनाव परिणाम पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि हार-जीत जिंदगी का हिस्सा है, हमने अच्छा चुनाव लड़ा है।

राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा, और अब वक्त है आत्ममंथन का। उन्होंने कहा कि पार्टी आने वाले समय में आला कमान के साथ बैठकर समीक्षा करेगी कि किन कारणों से पार्टी को पराजय का सामना करना पड़ा। जब उनसे आपसी तालमेल की कमी को लेकर पूछा गया, तो राजा वड़िंग ने कहा कि कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस विषय पर पार्टी स्तर पर समीक्षा होगी और तब इस पर बात की जाएगी।

आम आदमी पार्टी द्वारा इस उपचुनाव को 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताने पर वड़िंग ने कहा, अगर सत्ताधारी पार्टी इसे सेमीफाइनल मानती है तो ठीक है, लेकिन समय ही बताएगा कि यह वाकई सेमीफाइनल है या नहीं।

भाजपा पर तंज कसते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि लोकसभा चुनाव में लुधियाना पश्चिम में वह रवनीत बिट्टू से साढ़े 14 हजार वोटों से पीछे थे, तब उन्हें 45,000 वोट मिले थे। लेकिन इस उपचुनाव में उन्हें महज साढ़े 14 हजार वोट ही मिले हैं। इससे साफ है कि भाजपा के वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट आई है।

पंजाब के लुधियाना वेस्ट सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने 10 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव परिणाम पर कहा कि जनता ने भाजपा और कांग्रेस को नकार दिया है।

इस जीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केजरीवाल ने एक पोस्ट में लिखा, गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीटों पर आम आदमी पार्टी की शानदार जीत पर आप सबको बहुत-बहुत बधाई। गुजरात और पंजाब के लोगों को बहुत बधाई और बहुत-बहुत शुक्रिया। दोनों जगह पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग दोगुने मार्जिन से जीत हुई है। यह दिखाता है कि पंजाब के लोग हमारी सरकार के कामों से बहुत खुश हैं और उन्होंने 2022 से भी ज्यादा वोट दिया है। गुजरात की जनता अब भाजपा से परेशान हो चुकी है और उन्हें आम आदमी पार्टी में उम्मीद दिखाई दे रही है। दोनों जगह कांग्रेस और बीजेपी, दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ीं। इन दोनों का एक ही मकसद था – आप को हराना। लेकिन लोगों ने दोनों जगह इन दोनों पार्टियों को नकार दिया।

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