पंजाब डेस्क. पंजाब के जाने-माने सिंगर राजवीर जवंदा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है, जिसके बाद फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है। राजवीर ने अपनी खूबसूरत आवाज से लाखों दिलों पर राज किया लेकिन उनका सिंगर बनने का सफर इतना आसान नहीं था। चलिए जानते हैं कैसे एक साधारण गांव का लड़का पंजाबी म्यूज़िक इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा बन गया।
गांव से शुरुआत
राजवीर जवंदा का जन्म पंजाब के लुधियाना ज़िले के नज़दीक गांव पोना (जगराओं) में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी दिलचस्पी थी। स्कूल के दिनों में वे अक्सर स्टेज पर गाते और हर प्रतियोगिता में ट्रॉफियां जीतते थे। परिवार ने उनके इस शौक को पहचाना और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नौकरी छोड़ संगीत का रास्ता
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजवीर ने पुलिस की नौकरी के लिए तैयारी की और कुछ समय तक ट्रेनिंग भी की। लेकिन उनके दिल में सुरों की दुनिया बस चुकी थी। उन्होंने तय कर लिया कि वे जिंदगी में वही करेंगे जो उन्हें सुकून देता है। इस फैसले में उनके परिवार और गुरुजनों का बहुत बड़ा सहयोग रहा।
ऐसे शुरू हुआ संगीत का सफर
साल 2016 में राजवीर जवंदा ने अपने पहले गाने ‘मुकाबला’ के ज़रिए म्यूज़िक इंडस्ट्री में कदम रखा। यह गाना लोगों को काफी पसंद आया और उन्होंने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। इसके बाद तो उनके कई सुपरहिट गाने आए। उनके कंगनी, पाटियाला शाही पग, लैंडलॉर्ड और सरनेम जैसे गानों ने राजवीर के करियर को एक नई पहचान दी। उनके गानों में पंजाब की मिट्टी की खुशबू और देसी रंग झलकता था।
फिल्मों में भी दिखाया कमाल
राजवीर जवंदा ने सिर्फ गायक ही नहीं अभिनेता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने काका जी, सुबेदार जोगिंदर सिंह और जिंद जान जैसी फिल्मों में भी काम किया। दर्शकों ने उनकी एक्टिंग को भी खूब प्यार दिया।
फैंस के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे
राजवीर जवंदा ने अपने संगीत और सादगी से लाखों फैंस का दिल जीता। उनके गाने आज भी लोगों की यादों में बसते हैं। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर जुनून सच्चा हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

