
लुधियाना (Rana Gurjit Singh): विधानसभा पश्चिमी उपचुनाव में हार दिखाई देने से बौखलाई पंजाब सरकार व अप्रत्यक्ष रूप से काबिज आम आदमी पार्टी की दिल्ली लाबी मानसिक संतुलन खो चुकी है। सरकार की बौखलाहट का मुंह बोलता प्रमाण कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु को गत दिवस विजीलैंस की तरफ से भेजे नोटिस मामले में एस.एस.पी. विजीलैंस को सस्पैंड करने से मिलता है, जबकि आशु को सम्मन डी.एस.पी. विनोद कुमार ने भेजा था।
जांच का विषय है कि किस मंत्री, किस अधिकारी के कहने पर डी.एस.पी. ने चुनावी जंग के बीच आशु को झूठे मामले में तलब कर कटघरे में खड़े करने का प्लान बनाया। जिस स्कूल की भूमि घोटाले में आशु को सम्मन भेजा था, उस कमेटी से आशु ने 10 वर्ष पूर्व त्याग पत्र दे दिया था। यह आरोप विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए लगाए। राणा ने कहा कि चुनाव के बीच आप सरकार ने कांग्रेस उम्मीदवार फ्रैबिकेटड मामला बनाकर हारी हुई बाजी जीतने के प्रयत्न किए। विजीलैंस के नोटिस का खुलेआम विरोध होने पर सरकार ने एस.एस.पी. को सस्पैंड कर लीपापोती करने के प्रयत्न किए।
चुनाव के बाद पिछले तीन वर्ष में सस्पैंड किए अधिकारियों की तर्ज पर एस.एस.पी. जगतप्रीत सिंह को भी बहाल कर दिया जाएगा। राणा गुरजीत ने कहा कि आप सरकार में जागरूकता के साथ सरकार का विरोध करने वाले हर उस शख्स को झूठे मामले में फंसाने के प्रयास हुए, चाहे वह पत्रकार हो या फिर एक्टिविस्ट हो या फिर विपक्ष से जुड़ा राजनीतिज्ञ हो। हर किसी को जेल का खौफ दिखाकर सत्तापक्ष ने जबर जुल्म की हद कर दी। इस मौके पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक, पूर्व मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका व पूर्व विधायक दलविन्द्र गोल्डी सहित अन्य भी उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...