मोगा: जिले का गांव रणसीह कलां अपने अनूठे विकास कार्यों और जनहितैषी पहलों के कारण पंजाब ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों के गांवों के लिए भी मिसाल बन रहा है। गांव के सरपंच प्रीत इंदर सिंह मिंटू की अगुवाई में बुनियादी सुविधाओं से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति और शिक्षा को बढ़ावा देने तक कई ऐसे प्रयास किए गए हैं, जिन्होंने गांव की अलग पहचान बनाई है।
गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड सीवरेज, पक्की गलियां, सुंदर पार्क, कूड़ा प्रबंधन और तालाब के पानी को ट्रीट कर खेती के लिए इस्तेमाल करने जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। गांव की सबसे चर्चित पहल सरपंच का वह ऐलान है, जिसके मुताबिक गांव में सरकारी कच्ची गली या खुली नाली दिखाने वाले व्यक्ति को पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

‘दैनिक सवेरा’ से विशेष बातचीत में सरपंच प्रीत इंदर सिंह मिंटू ने बताया कि गांव को गंदे पानी की समस्या से मुक्त करने के लिए वर्ष 2013 से प्रयास शुरू किए गए थे। युवाओं और गांववासियों के सहयोग से अंडरग्राउंड सीवरेज व्यवस्था तैयार की गई और गलियों को इंटरलॉकिंग टाइलों से पक्का किया गया। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास केवल गलियों और नालियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को स्वच्छ वातावरण, बेहतर सुविधाएं और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध करवाना भी जरूरी है।
कूड़े को समस्या नहीं, कमाई का साधन बनाने की पहल
सरपंच ने बताया कि कूड़े के उचित प्रबंधन के लिए गांव में विशेष परियोजनाएं शुरू की गई हैं। कूड़े की छंटाई और जैविक कचरे से खाद तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2019 में लोगों को प्लास्टिक इकट्ठा करके लाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बदले उन्हें गुड़, चीनी, चावल और गेहूं जैसी वस्तुएं देने की पहल की गई। इसके बाद वर्ष 2023 में ‘कूड़ा लाओ, पैसे कमाओ’ अभियान शुरू किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को कूड़ा खुले में फेंकने के बजाय एकत्र करके देने के लिए प्रोत्साहित करना और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है।
तालाब के पानी को ट्रीट कर खेतों तक पहुंचाया
गांव में गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए तालाबों के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। तालाबों के पानी को ट्रीट करके खेतों में इस्तेमाल करने की व्यवस्था की गई है। इससे गंदे पानी के उचित निपटारे के साथ कृषि के लिए पानी का उपयोग करने में भी मदद मिलती है। गांव में पार्क विकसित करने और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए भी प्रयास किए गए हैं। तालाबों के आसपास सुधार और पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने की पहल भी गांव की विशेषताओं में शामिल है।
नशा छोड़ने वालों को 11 हजार रुपये का प्रोत्साहन
पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर मानते हुए गांव में ‘नशा मुक्ति अभियान—रंसीह कलां बनो पंजाब की शान’ शुरू किया गया है। सरपंच मिंटू ने बताया कि नशा छोड़ने वाले व्यक्ति को 11 हजार रुपये का इनाम देने, उसका इलाज मुफ्त करवाने और स्वस्थ होने की प्रक्रिया में 1,100 रुपये की खाद्य सहायता देने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति को समाज से अलग करना समाधान नहीं है। उसे उपचार, सहयोग और सम्मान देकर दोबारा सामान्य जीवन से जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के तहत गांव की ओर से ऐसे लोगों की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
लाइब्रेरी में पढ़ने वालों को भी मिलता है इनाम
गांव में शिक्षा और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर लाइब्रेरी स्थापित की गई है। यहां विभिन्न विषयों की किताबें उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि विद्यार्थियों और अन्य पाठकों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। सरपंच के अनुसार, लाइब्रेरी में किताबें पढ़ने वालों को पुरस्कृत करने की पहल भी की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं में ज्ञान प्राप्त करने की रुचि बढ़ाना और शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
तीसरी बार गांववासियों ने सौंपी सरपंची की जिम्मेदारी
प्रीत इंदर सिंह मिंटू ने कहा कि उन्होंने सरपंच का पद केवल नाम के आगे सरपंच लिखवाने या रुतबा हासिल करने के लिए नहीं संभाला, बल्कि गांव की तस्वीर और तकदीर बदलने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी ली है। गांववासियों ने तीसरी बार उन पर विश्वास जताया है, जो उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि रणसीह कलां में हुए विकास कार्यों को देखने के लिए पंजाब के मंत्रियों, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों सहित कई प्रमुख हस्तियां गांव का दौरा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि गांव को मिली पहचान किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि समूचे गांववासियों की मेहनत, सहयोग और एकजुटता का परिणाम है।
सरपंचों से ईमानदारी के साथ विकास करवाने की अपील
अन्य गांवों के सरपंचों को संदेश देते हुए मिंटू ने कहा कि सरपंच बनने का उद्देश्य केवल पद हासिल करना, गाड़ी लेना या घर के बाहर अपने नाम के साथ सरपंच लिखवाना नहीं होना चाहिए। लोग अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा करके उन्हें चुनते हैं, इसलिए उनका कर्तव्य है कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें और ईमानदारी से गांव का विकास करवाएं।
उन्होंने कहा कि रंसीह कलां के भविष्य के लिए भी कई योजनाएं तैयार की गई हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। यदि गांववासी, युवा और पंचायत मिलकर काम करें, तो गांवों की बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने सभी सरपंचों से अपील की कि वे पूरी लगन और ईमानदारी से अपने गांवों का विकास करें, ताकि पंजाब को स्वच्छ, खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने का सपना साकार हो सके।
📍 Location: निहाल सिंह वाला