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पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग, एबीवीपी जालंधर ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

पंजाब डेस्क: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जालंधर इकाई ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इस दौरान एबीवीपी पंजाब के प्रदेश सह मंत्री अंकित कुंद्रा भी मौजूद रहे।

विद्यार्थियों के सामने कई गंभीर चुनौतियां

ज्ञापन में एबीवीपी ने दावा किया कि पंजाब के विद्यार्थी वर्तमान समय में प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं, शिक्षकों के खाली पद, छात्रवृत्ति वितरण में देरी और छात्रसंघ चुनावों पर रोक जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों में बढ़ते नशे के खतरे और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया।

इन प्रमुख मांगों को रखा गया

परिषद ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें प्रश्नपत्र लीक मामलों की समयबद्ध न्यायिक जांच, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) का प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों के रिक्त स्थायी पदों पर पारदर्शी भर्ती, छात्रसंघ चुनावों की बहाली और छात्रवृत्तियों का समय पर वितरण शामिल हैं।

इसके साथ ही पंजाब स्टेट रिसर्च फेलोशिप शुरू करने, प्रत्येक शिक्षण संस्थान में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स और मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने, पंजाब उच्च शिक्षा नियामक आयोग का गठन करने, कॉलेजों में करियर एवं प्लेसमेंट सेल शुरू करने तथा पंजाब के इतिहास, संस्कृति और संवैधानिक विरासत से संबंधित मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम लागू करने की मांग भी उठाई गई।

राज्यपाल से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील

एबीवीपी ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिषद का कहना है कि प्रदेश के छात्र अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, पारदर्शी व्यवस्था और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की अपेक्षा रखते हैं।

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