Resentment over the ‘strike and dialogue’ statement : मोगा। पंजाब गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के हड़ताल और बातचीत को लेकर दिए बयान की कड़ी आलोचना की है। प्रदेश अध्यक्ष भजन सिंह गिल ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारी और पेंशनर्स अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने 30 अगस्त को लुधियाना में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में अगले आंदोलन की रणनीति तय किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों को दूसरे राज्यों के मुकाबले अधिक वेतन मिलने का सरकार का दावा भी तथ्यों के विपरीत है। 17 जुलाई 2020 और 15 जनवरी 2015 के कर्मचारी विरोधी पत्रों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को केंद्रीय वेतनमानों के तहत पंजाब के पुराने वेतनमानों से वंचित किया गया। वर्ष 2014 के बाद भर्ती कई कर्मचारियों को तीन-तीन वर्ष तक महज 10,300 रुपये की बेसिक पे पर काम करना पड़ा, जबकि अब नई बेसिक पे के अनुसार उन्हें करीब 19 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने के बावजूद कर्मचारियों को 18 प्रतिशत डीए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गिल ने आरोप लगाया कि दफ्तरों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के नाम पर उनकी मौजूदा तनख्वाह में कटौती की जा रही है और अगले तीन वर्षों तक उन्हें मौजूदा वेतन का केवल एक-तिहाई देने का प्रावधान कर्मचारियों के श्रम के शोषण को दर्शाता है। उन्होंने आंगनवाड़ी, आशा वर्करों और मिड-डे मील कुक सहित ठेके व आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को मामूली मानदेय देने पर भी सरकार को घेरा।प्रदेश नेताओं और विभिन्न जिलों के प्रधानों ने कहा कि कर्मचारियों को डराने-धमकाने की कार्रवाई की चेतावनी की वे कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने हकों के लिए संघर्ष करने वाले कर्मचारी ऐसी धमकियों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रदेश महासचिव सुरिंदर राम कुस्सा ने बताया कि जालंधर के डीसी कार्यालय में कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रदेश स्तरीय नेताओं की बैठक हुई। इसमें 27 अगस्त की पूर्ण हड़ताल सफल बनाने के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों का धन्यवाद किया गया तथा संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त फ्रंट तथा साझा कर्मचारी मंच की प्रदेश स्तरीय समन्वय समिति की बैठक 30 अगस्त को लुधियाना में होगी। बैठक में पंजाब सरकार के खिलाफ अगले निर्णायक संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी।जिला मोगा के प्रेस सचिव एवं सेवानिवृत्त डीपीआरओ ज्ञान सिंह ने प्रदेश के सभी पेंशनरों से अपील की कि अधिक उम्र के बावजूद वे अपने अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष में डटे रहें और अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें।

