अमृतसर: पट्टी के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अमनदीप की अध्यक्षता में धान के पराली के सही प्रबंधन और पराली जलाने से रोकने के लिए एक समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में पट्टी सब-डिविजन के क्लस्टर अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए SDM अमनदीप ने कहा कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और इंसानी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर ज़ोर दिया।
SDM ने क्लस्टर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने इलाकों में किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और उन्हें पराली प्रबंधन के बारे में ज़रूरी जानकारी दें। उन्होंने उनसे कहा कि वे पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दें और किसानों को पराली जलाने के बजाय खेतों में ही उसके प्रबंधन के बारे में जागरूक करें।
उन्होंने अधिकारियों को फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और प्रशासन के साथ मिलकर प्रबंधन अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने का भी निर्देश दिया। सभी अधिकारियों ने फसल अवशेष प्रबंधन अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस मौके पर तहसीलदार बलविंदर शर्मा; BDPO रविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह (चोहला साहिब); कृषि अधिकारी (AO) डॉ. भूपिंदर सिंह और डॉ. अमरदीप सिंह; ADO डॉ. रमनदीप सिंह; स्टेनो सुखविंदर सिंह; और कृषि विभाग के अन्य अधिकारी व क्लस्टर अधिकारी मौजूद थे।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

