reviews-education-and-cleanliness-in-border-schools : अमृतसर। जिला शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार छाबड़ा ने सीमावर्ती क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों और आवासीय हॉस्टलों का दौरा कर शिक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और छात्रों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और साफ-सुथरा स्कूल वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान राजीव कुमार छाबड़ा ने शिक्षकों और छात्रों से सीधे बातचीत की और उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों को साफ़, सुंदर और छात्रों के लिए आरामदायक बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्कूल न केवल शिक्षा प्राप्त करने की जगह हैं, बल्कि छात्रों में साफ़-सफ़ाई, अनुशासन और ज़िम्मेदारी की भावना पैदा करने का केंद्र भी हैं। उन्होंने बाथरूम, रसोई, खेल के मैदान, क्लासरूम, कमरों की छतों, पार्कों और स्कूल के आस-पास के इलाक़ों की नियमित सफ़ाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे सफ़ाई अभियान में छात्रों को भी शामिल करें ताकि उनमें अपने स्कूल के प्रति अपनापन और ज़िम्मेदारी की भावना विकसित हो। DEO ने छात्रों को समय पर स्कूल आने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अपनी पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, शिक्षकों को छात्रों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के लिए ज़रूरी निर्देश दिए गए।
इस दौरान सरकारी प्राइमरी स्कूल कोट बुड्ढा, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोट बुड्ढा, सरकारी प्राइमरी स्कूल डुबली, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल डुबली, स्कूल ऑफ़ एमिनेंस पट्टी, आवासीय हॉस्टल पट्टी और आवासीय हॉस्टल वाल्टोहा का दौरा किया गया। राजीव कुमार छाबड़ा ने कहा कि सीमावर्ती इलाक़े के स्कूलों में छात्रों को साफ़, सुरक्षित, सुंदर और प्रेरणादायक माहौल के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों से टीम भावना के साथ काम करने और स्कूलों को आदर्श बनाने का आह्वान किया। ब्लॉक वाल्टोहा के दौरे के दौरान ब्लॉक एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफ़िसर, वाल्टोहा और पारस कुमार खुल्लर उनके साथ थे।

