Riot victims outraged over ‘role model’ remark. : लुधियाना। 1984 सिख दंगा पीड़ितों ने सज्जन कुमार की मौत के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। 1984 दंगा पीड़ित कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा कि ऐसे बयान पीड़ित परिवारों के जख्मों को और गहरा करते हैं।
गुरदीप कौर ने कहा कि उनके परिवार ने अपनों को खोया है और उन्हें अब भी न्याय की प्रतीक्षा है। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार को तो पहले ही सज़ा मिल जानी चाहिए थी; जब हमारे परिवार बर्बाद हो गए और हमारे भाइयों को हमारी आँखों के सामने ज़िंदा जला दिया गया, तब हमें किस चीज़ से मन की शांति मिलती? दूसरी ओर, सज्जन कुमार की मौत के मामले में सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान—जिसमें उन्होंने सज्जन कुमार को एक लोकप्रिय व्यक्ति बताया—के बाद, 1984 दंगा पीड़ित कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा कि 1984 में दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था।
यह नरसंहार तीन दिनों तक चला। इसमें सज्जन कुमार की अहम भूमिका थी। कांग्रेसी दीपेंद्र हुड्डा को ऐसे बयान देने पर शर्म आनी चाहिए। कांग्रेस को सिखों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। दीपेंद्र ऐसे बयान देकर हमारे ज़ख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। सज्जन कुमार की मौत ने हमारे ज़ख्मों पर मरहम लगाया है। मैं दीपेंद्र हुड्डा को चेतावनी देता हूँ कि वे ऐसे बयान देने से बचें।

