पटियाला: पटियाला जिले के समाना हलके के गांव बठोई कलां की शामलात जमीन का मामला लगातार उलझता जा रहा है। आज पटियाला के बीडीपीओ दफ्तर में उस समय हंगामा हो गया जब एक पक्ष 90 किल्ले से ज्यादा की बोली लगाने पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ शामलात पर काबिज गांव बठोई कलां के किसान भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेतृत्व में पहुंचे और पटियाला के बीडीपीओ दफ्तर के बाहर धरना लगा दिया। आज जब गांव बठोई कलां के एएसआई समुदाय के लोग अपनी जमीन के हिस्से की बोली लगाने के लिए पटियाला के बीडीपीओ दफ्तर पहुंचे तो गांव की शामलात जमीन पर काबिज गांव के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन की लेवी की मांग को लेकर बीडीपीओ दफ्तर के समक्ष धरना लगा दिया।
इस दौरान प्रशासन ने बीडीपीओ दफ्तर का एक गेट बंद कर दिया और किसानों ने एक गेट पर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन ने बंद गेट से एएसआई समुदाय के लोगों को दफ्तर में बुलाकर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी, जिसकी जानकारी होने पर किसान यूनियन ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और जबरन दफ्तर में घुस गए। इस दौरान मामला पूरी तरह से भड़क गया जब किसानों और एएसआई समुदाय के लोगों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान किसानों ने झंडों में लिपटे डंडों से एएसआई समुदाय के लोगों की पिटाई कर उन्हें बुरी तरह से घायल कर दिया।
इस मौके पर इसी समुदाय के मुख्तियार सिंह ने आरोप लगाया कि वह आज यहां बोली लगाने के लिए पहुंचे थे लेकिन किसान यूनियन समेत गांव के कुछ लोग उन्हें बोली लगाने से रोक रहे थे, जिसके चलते उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इस मारपीट में दर्शन सिंह पुत्र देव सिंह, नायब सिंह पुत्र महिंदर सिंह निवासी बठोई कलां बुरी तरह से घायल हो गए, जिन्हें राजिंदरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उनका इलाज चल रहा है इसके अलावा लखविंदर सिंह, बलकार सिंह, गुरमेल सिंह, सुखवीर सिंह, विक्की सिंह आदि को भी मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पगड़ियां भी उतार दी गईं। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन के कहने पर अपने हिस्से की जमीन की बोली लगाने आए थे, लेकिन यूनियनों के सहयोग से गांव की शामलात जमीन पर कब्जा कर रहे किसानों ने उनके साथ मारपीट की।
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