पंजाब की ग्रामीण महिलाएं अब AI से मशीनों को सिखाएंगी पंजाबी

Rural Women to Teach Punjabi to Machines Through AI : बठिंडा। पंजाब में सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं अब मशीनों को पंजाबी सिखाएंगी। यह पायलट प्रोजेक्ट पंजाब डेवलपमेंट कमीशन की वाइस चेयरपर्सन सुश्री सीमा बंसल की कोशिशों से सेलब्राह गांव (ब्लॉक फूल, बठिंडा) के कम्युनिटी मैनेज्ड ट्रेनिंग सेंटर (CMTC) में शुरू किया गया।
इस AI-इनेबल्ड डिजिटल लाइवलीहुड प्रोग्राम के उद्घाटन ट्रेनिंग सेशन की शुरुआत रामपुरा फूल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक श्री बलकार सिद्धू ने की। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) मैडम कंचन की अगुवाई में हुए उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे—जिनमें मैडम रूपाली टंडन (एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, आजीविका मिशन पंजाब), वैभव माहेश्वरी (सदस्य, पंजाब डेवलपमेंट कमीशन), श्रीमती रूपिंदर कौर गिल (वाइस चेयरपर्सन, पंजाब महिला आयोग), सुखविंदर सिंह चत्था (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर, पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) और डॉ. रंजीत कौर (डिप्टी एडवाइजर, PDC) शामिल थे। उन्होंने ट्रेनिंग के लिए आईं सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बठिंडा जिले के लिए यह गर्व की बात है कि पूरे पंजाब में लागू होने वाला यह प्रोजेक्ट ‘फूल’ ब्लॉक से शुरू किया जा रहा है।
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए विधायक बलकार सिद्धू ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जहाँ एक ओर सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाएं घर पर बने खाने-पीने की चीज़ें और अन्य उत्पाद बनाकर छोटे-छोटे कारोबार शुरू कर रही हैं, वहीं पंजाब सरकार की पहल अब उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे एडवांस्ड क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने में मदद कर रही है। पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन की एडिशनल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुश्री रूपाली टंडन ने ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन महिलाओं के लिए अपनी आजीविका स्थापित करने और डिजिटल लाइवलीहुड सेक्टर में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की संभावनाओं के बारे में बात की। महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने उन्हें अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। PDC सदस्य वैभव माहेश्वरी ने बताया कि बठिंडा में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें ग्रामीण महिलाएं AI के ज़रिए मशीनों को पंजाबी भाषा सिखाएंगी। 30 दिन के ट्रायल पीरियड के बाद, मिले नतीजों के आधार पर इस प्रोजेक्ट को पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन रूपिंदर कौर गिल ने ट्रेनिंग के लिए आईं महिलाओं का हौसला बढ़ाया और प्रोजेक्ट के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि ‘AI-इनेबल्ड डिजिटल लाइवलीहुड्स’ पायलट प्रोजेक्ट के तहत, बठिंडा ज़िले के चार ब्लॉक—फूल, रामपुरा, भगता और नथाना—में 56 स्वयं-सहायता समूहों (self-help groups) की महिला सदस्यों को ट्रेनर ब्रिंधा और शिवानी (जो इसे लागू करने वाली संस्था से हैं) ट्रेनिंग दे रही हैं। ये महिलाएं दो तय कोऑर्डिनेटर्स की देखरेख में CMTC फूल में लगातार 30 दिनों तक काम करेंगी। उन्हें उनके काम के आधार पर रोज़ाना ₹800 से ₹1,000 तक का मेहनताना मिलेगा। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो महिलाएं अपने घरों से ही काम जारी रख पाएंगी और अच्छी कमाई कर सकेंगी।
